Bharat Express DD Free Dish

विदेशी डेबिट कार्डों के जरिए 92.55 करोड़ रुपये भारत लाने का आरोप, ईडी ने टीटीआई नेटवर्क पर कसा शिकंजा

ED TTI Network Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अमेरिकी संगठन द टिमोथी इनिशिएटिव (TTI) और उसके भारत स्थित नेटवर्क पर विदेशी डेबिट कार्डों के जरिए कथित तौर पर 92.55 करोड़ रुपये भारत लाने का आरोप लगाया है.

Edited by Sahil Singh

ED TTI Network Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अमेरिकी संगठन द टिमोथी इनिशिएटिव (टीटीआई) और उसके भारत स्थित नेटवर्क पर विदेशी डेबिट कार्डों के जरिए कथित तौर पर 92.55 करोड़ रुपये भारत लाने का आरोप लगाया है. एजेंसी का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क के माध्यम से विदेशी फंड को बैंकिंग नियमों और नियामकीय निगरानी से बचाते हुए भारत में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिससे विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) और विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (एफसीआरए) के प्रावधानों का उल्लंघन हुआ.

1000 डेबिट कार्ड जब्त

ईडी के अनुसार, जांच के दौरान 1000 से अधिक विदेशी डेबिट कार्ड, 37 लाख रुपये नकद और कई डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं. एजेंसी का कहना है कि यह नेटवर्क भारत के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय था और विदेशी फंड को संगठित तरीके से देश में लाने का काम कर रहा था.

जांच में यह भी सामने आया है कि छत्तीसगढ़ के धमतरी और बस्तर जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इन विदेशी डेबिट कार्डों के जरिए संदिग्ध नकद निकासी की गई. ईडी के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में इन इलाकों से करीब 6.5 करोड़ रुपये निकाले गए, जिससे एजेंसी को इस नेटवर्क की गतिविधियों पर गंभीर संदेह हुआ.

ईडी ने किया खुलासा

ईडी ने बताया कि इस मामले में मिकाह मार्क नामक व्यक्ति के पास से 24 विदेशी डेबिट कार्ड बरामद किए गए थे. उसे बेंगलुरु अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन ने ईडी की लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) के आधार पर हिरासत में लिया था.

जांच एजेंसी के अनुसार, लेनदेन का रिकॉर्ड रखने के लिए एक ऑनलाइन बिलिंग और अकाउंटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे कथित तौर पर विदेश से संचालित किया जा रहा था. ईडी का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां देश में समानांतर नकद अर्थव्यवस्था खड़ी करने का जोखिम पैदा करती हैं.


ये भी पढ़ें: क्या जाएगी विधायकी? फार्महाउस में हुई उस खौफनाक रात के गुनाह पर नीतीश के पूर्व मंत्री राजू सिंह की सजा तय


कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में FIR दर्ज

मामले की गंभीरता को देखते हुए ईडी ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत कार्रवाई की सिफारिश की है. एजेंसी ने इस संबंध में कर्नाटक और छत्तीसगढ़ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई है. हालांकि, यह ध्यान देने योग्य है कि ईडी के ये आरोप जांच के आधार पर लगाए गए हैं. मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच के बाद ही सामने आएंगे.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read