BJP MLA Raju Singh Case: राऊज एवेन्यु कोर्ट ने बिहार के साहिबगंज से बीजेपी विधायक राजू कुमार सिंह की सजा पर दोनों पक्षो की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. स्पेशल जज विशाल गोगने की कोर्ट 4 जुलाई को फैसला सुनाएगी.
कभी समाज के खिलाफ काम नहीं किया
मामले की सुनवाई के दौरान विधायक राजू सिंह ने कहा कि मैंने जानबूझकर ऐसा कुछ नहीं किया, मेरा परिवार भी डांस फ्लोर पर ही था. जो मरी वो मेरे बड़े भाई के दोस्त की पत्नी थी, हम उनको भाभी की तरह मानते थे. परिवार का सदस्य मरा है. मुझे महीने जेल में भी रहना पड़ा. मैंने कभी समाज के खिलाफ काम नहीं किया अच्छे आचरण को देखते हुए कम से कम सजा मिले.
साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर दोषमुक्त करने का आदेश दिया
कोर्ट ने गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी करार दिया है. कोर्ट ने उनकी पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सभी आरोपों से बरी कर दिया था. अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर इन तीनों को दोषमुक्त करने का आदेश दिया था. कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि नए साल पार्टी में भीड़ भरे माहौल में आरोपी राजू सिंह द्वारा अपनी लाइसेंसी पिस्तौल से गोली चलाना दर्शाता है कि उन्हें इस बात की जानकारी थी कि ऐसा करने से किसी व्यक्ति की मौत हो सकती है. इस कृत्य को कोर्ट ने लापरवाही भरा माना है.
क्या है मामला?
यह मामला 31 दिसंबर 2018 को आयोजित एक पार्टी में हुई हर्ष फायरिंग में डॉक्टर अर्चना गुप्ता की मौत से संबंधित है. उस दौरान विधायक दिल्ली के वसंत कुंज स्थित अपने फॉर्महाउस में नए साल का जश्न मना रहे थे. दिल्ली पुलिस ने उस समय राजू सिंह और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया था. 2023 में कोर्ट ने राजू सिंह, उनकी पत्नी रेनू सिंह और अन्य दो आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किये थे. 9.15 करोड़ रुपए खुद का सालाना आय बताने वाले भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह 26 फरवरी 2025 में बिहार सरकार में मंत्री भी बने थे. परिवार दवाओं के कारोबार से जुड़ा हुआ है.
इनके पिता आनंदपुरा खरौनी पंचायत के कई बार मुखिया रह चुके हैं, जबकि खुद राजू सिंह चार बार अलग-अलग पार्टियों से विधायक चुने जा चुके हैं. उनकी पत्नी रेणु सिंह भी पूर्वी चंपारण से एमएलसी रही हैं. राजू सिंह 2005 में अविभाजित लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के टिकट पर चुनाव जीते थे. इसके बाद वह जनता दल यूनाइटेड के टिकट पर जीते और 2015 में जेडीयू छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए. इसके बाद वह वीआईपी में भी शामिल हुए और फिर बीजेपी में लौट आए. राजू कुमार सिंह नीतीश मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं.
यह भी पढ़ें: सिया गोयल और चेतन चौधरी के पॉलीग्राफ टेस्ट की तैयारी, पुणे पुलिस पहुंची अदालत; केतन हत्याकांड क्यों नहीं होगी सजा?
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

