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हल्द्वानी हिंसा: SC का राज्य सरकार को झटका, मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक की जमानत बरकरार

Supreme Court : 2024 हल्द्वानी हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अब्दुल मलिक की जमानत के खिलाफ उत्तराखंड सरकार की याचिका खारिज कर दी है. शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की कि केवल थाने में आगजनी से UAPA लागू नहीं होता.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों से बुजुर्गों की सुविधाओं पर स्टेटस रिपोर्ट मांगी.

सुप्रीम कोर्ट

Edited by Shubhra Rai

 Supreme Court: 2024 के हल्द्वानी हिंसा मामले में मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक को मिली जमानत के खिलाफ दायर उत्तराखंड सरकार की ओर से दायर अपील को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. कोर्ट ने गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल भीड़ द्वारा पुलिस थाने में आग लगाने से स्वतः यूएपीए लागू नहीं हो जाता है.

बेंच ने राज्य सरकार को सलाह दी

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने राज्य सरकार को सलाह दी है कि वह मलिक की जमानत का विरोध करने के बजाए उसे दोषी साबित करने में अपनी ऊर्जा लगाए. सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने पूछा कि अगर कोई भीड़ पुलिस स्टेशन जाकर पेट्रोल बम फेंकती है, तो यूएपीए कैसे लगाया जा सकता है. कोर्ट ने अपनी मौखिक टिप्पणियों को लिखित आदेश में जिक्र नहीं किया है.

मामला उत्तराखंड हाई कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 के आदेश से जुड़ा

यह मामला उत्तराखंड हाई कोर्ट के 16 अप्रैल 2026 के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें 8 फरवरी 2024 को हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में हुई हिंसा के मामले में अब्दुल मलिक को जमानत दी गई. उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता, यूएपीए, शस्त्र अधिनियम और अन्य कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज है. उत्तराखंड हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि जांच से यह सामने आया है कि घटना के समय अब्दुल मलिक मौके पर मौजूद नहीं थे.

हाई कोर्ट ने नॉन स्पीकिंग ऑर्डर के जरिये जमानत दी

साथ ही उनके बेटे अब्दुल मोईद समेत अन्य सह आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है. उत्तराखंड सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील गौरव भाटिया ने दलील दी कि मालिक की मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर भूमिका के मौके से उनकी शारीरिक अनुपस्थिति को बेमतलब बना दिया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हाई कोर्ट ने उन्हें एक नॉन स्पीकिंग ऑर्डर के जरिये जमानत दी थी. उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस थाने में आगजनी और पेट्रोल बम फेंके गए थे.

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-भारत एक्सप्रेस 



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