दिल्ली हाई कोर्ट ने उद्योगपति संजय कपूर की तीसरी पत्नी की ओर से दायर याचिका पर 26 सितंबर को सुनवाई करेगा. जस्टिस ज्योति सिंह मामले में सुनवाई कर रही है.
मामले की सुनवाई के दौरान प्रिया कपूर की ओर से पेश वकील ने मांग की कि उनके निजी बैंक खाते और संपत्ति का विवरण सार्वजनिक न किया जाए और बच्चों को साझा करने से पहले नॉन-डिस्क्लोजर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर करवाया जाए.
रानी कपूर ने कोर्ट में वसीयत की कि मांग
उन्होंने यह भी कहा कि मैं करिश्मा कपूर के बच्चों से अपनी व्यक्तिगत संपत्ति छिपा नहीं रही, लेकिन मीडिया में सबकुछ लीक हो रहा है. सुनवाई के बाद बाहर प्रेस कॉन्फ्रेंस होती है, यह बेहद शर्मनाक है. आखिर क्यों आम जनता को बैंक डिटेल्स तक पहुच दी जाए? साइबर सुरक्षा का खतरा है.
इसपर जस्टिस ज्योति सिंह ने सवाल उठाया कि कल जब आप लिखित बयान दाखिल करेंगे और वसीयत को अटैच करेंगे, तो विपक्षी पक्ष उसका जवाब कैसे देंगे, कोर्ट ने कहा कार्यवाही को कितने हिस्सों तक सीलबंद लिफाफे में रखा जा सकता है? कोर्ट ने प्रिया कपूर के वकील से कहा कि कोई ऐसा कोर्ट का फैसला दिखाइए जिसमें यह कहा गया हो कि आप गोपनीयता मांग कर सकते है. वहीं रानी कपूर ने भी कोर्ट में वसीयत की मांग की है.
पार्टीशन सूट में एनडीए असामान्य
कोर्ट ने यह भी कहा कि पार्टीशन सूट में एनडीए असामान्य है. जब मुकदमा आगे बढ़ेगा तो सभी दस्तावेज बहस के दौरान सामने आएंगे, इन्हें पूरी तरह सीलबंद रखना संभव नही है. दायर याचिका में अपने दिवंगत पति की निजी संपत्ति का खुलासा न करने की मांग की है. प्रिया सचदेव कपूर पर उनकी सास और संजय कपूर की दूसरी पत्नी करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है.
प्रिया सचदेव ने कोर्ट से अनुरोध किया है कि उनके पति की संपत्तियों की सूची सार्वजनिक करने से पहले सभी पक्षों को एक गोपनीयता समझौता (नॉन- डिस्क्लोजर एग्रीमेंट) पर हस्ताक्षर करने चाहिए. दायर अर्जी में प्रिया सचदेवा ने यह भी कहा है कि वह अपनी संपत्ति का खुलासा एक सीलबंद लिफाफे में करेंगी, लेकिन इसके लिए उन सभी व्यक्तियों के हस्ताक्षर वाले गोपनीयता समझौता जरूरी है.
करिश्मा कपूर के बच्चों ने लगाया आरोप
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने प्रिया कपूर को अपने दिवंगत पति की निजी संपत्ति से संबंधित विवरण देने को कहा था. पिछली सुनवाई में प्रिया कपूर की ओर से पेश वकील ने कहा था कि संजय कपूर से अलग होने के बाद वह (करिश्मा कपूर) पिछले 15 साल से कहीं दिखाई नहीं दीं. कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि मुझे समझ नहीं आता कि आपको बच्चों को वसीयत की कॉपी क्यों नहीं देनी चाहिए. बेशक यह एक नॉन डिस्क्लोजर एग्रीमेंट हो सकता है. हम एक गोपनीयता क्लब भी बना सकते हैं. हम इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी के मामले में ऐसा नियमित रूप से करते हैं.
बता दें कि करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों ने याचिका दायर कर आरोप लगाया गया है कि उनकी सौतेली मां प्रिया कपूर (संजय कपूर की तीसरी पत्नी) ने वसीयत को फर्जी तरीके से तैयार कर अपने नाम पूरी संपत्ति करने के लिए साजिश रची है. दोनों बच्चों का कहना है कि उन्हें उनके पिता की संपत्ति से गलत तरीके से बाहर कर दिया गया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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