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1900 से ज्यादा फर्जी अकाउंट्स पर एक्शन; जया बच्चन की याचिका पर दिल्ली HC का कड़ा रुख

Delhi High Court: अभिनेत्री और राज्यसभा सांसद जया बच्चन की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और दूरसंचार विभाग को आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट हटाने के संबंध में आवश्यक निर्देश लेने को कहा है. अदालत इस मामले में 1 सितंबर को अगली सुनवाई करेगी.

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Edited by Shubhra Rai

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने अभिनेत्री और राज्यसभा सांसद जया बच्चन की ओर से दायर याचिका पर केंद्र सरकार और दूरसंचार विभाग को आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है. जया बच्चन ने अश्लील और आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट को सोशल मीडिया से हटाने की मांग की है. जिसपर कोर्ट ने इस संबंध में उचित निर्देश लेने को कहा है. कोर्ट 1 सितंबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा.

कई पहलुओं के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाई थी

दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि इंटरनेट पर कुछ प्लेटफॉर्म और वेबसाइटें उनके नाम, पहचान, तस्वीरों और व्यक्तित्व से जुड़े कंटेंट का कथित तौर पर बिना अनुमति इस्तेमाल कर रही है. इनमें आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री भी शामिल है. इससे पहले हाई कोर्ट ने अंतरिम आदेश पारित किया था. नवंबर 2025 में अदालत ने उनके नाम, छवि, समानता, आवाज, हस्ताक्षर और उनकी पहचान से जुड़े अन्य विशिष्ट पहलुओं के अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक लगाई थी. अदालत ने माना था कि उनके व्यक्तित्व का इस्तेमाल कर बनाए गए आपत्तिजनक या एआई तकनीक से तैयार किए गए कंटेंट के खिलाफ कार्रवाई का मामला प्रथम दृष्टया बनता है. जया बच्चन ने उन वेबसाइटों और ऑनलाइन स्रोतों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है. जहां उनके नाम या पहचान से जुड़े कथित अश्लील वीडियो और अन्य आपत्तिजनक सामग्री उपलब्ध है.

बता दें कि,

हालही में जाह्नवी कपूर को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिल चुकी है. जबकि उससे पहले हाई कोर्ट ने तब्बू को राहत दिया था. कोर्ट ने कहा था कि जहां तक आपत्तिजनक कंटेंट की बात है, उसे रोकना ही होगा. जिन फर्जी अकाउंट के बारे में बताया जा रहा है, उनकी संख्या 1900 के आसपास है जैसे फैन पेज वगैरह. कई फिल्म हस्तियों, खिलाड़ियों सहित अन्य सेलेब्रिटीज़ की तस्वीर, आवाज और वीडियो का बिना अनुमति इस्तेमाल कर फर्जी विज्ञापन या नकली वीडियो बनाया जा रहा है. इससे पहले कोर्ट यह कह चुका है कि डिजिटल युग मे मानहानि और पर्सनैलिटी राइट्स के मामलों के बीच अक्सर मामूली अंतर होता है. अदालत ने कहा कि यह कानून का ऐसा क्षेत्र है, जो अभी विकसित हो रहा है और कई मामलों में मानहानि तथा पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन के तत्व एक दूसरे से जुड़ा हो सकता है.

कई अन्य अदालत का रुख कर चुके

दरअसल यह मामला न केवल उनके व्यक्तिगत अधिकारों से जुड़ा हैं, बल्कि डिजिटल युग में हर आदमी खासकर सार्वजनिक हस्तियों की पहचान और प्रतिष्ठा की सुरक्षा के व्यापक सवाल भी उठाता है. बता दें कि कोर्ट इससे पहले बीजेपी सांसद रवि किशन, बीजेपी सांसद राघव चड्ढा, अमन गुप्ता, फिल्म अभिनेता विवेक ओबेरॉय, अर्जुन कपूर, अल्लू अर्जुन, गौतम गंभीर फिल्म अभिनेत्री काजोल, बाबा रामदेव, सलमान खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, आराध्या बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अजय देवगन, करण जौहर, रजनीकांत, गायिका आशा भोसले, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, सिंगर कुमार, विराट कोहली सहित कई अन्य अदालत का रुख कर चुके है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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