Satya Niketan incident: दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए दर्दनाक हादसे के बाद राजधानी में इमारतों की सुरक्षा और अवैध निर्माण को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं. इसी बीच पूर्व आईपीएस अधिकारी किरण बेदी ने दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर इस पूरे मामले में गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने दिल्ली में जनप्रतिनिधियों और नगर निगम से जुड़े अधिकारियों की संपत्तियों की जांच और उनका ब्यौरा सार्वजनिक किए जाने की मांग की है.
किरण बेदी ने अपने ऑनलाइन प्रार्थना पत्र में कहा है कि मौजूदा और पूर्व विधायक, पार्षद तथा एमसीडी अधिकारियों के साथ-साथ उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर मौजूद संपत्तियों की जानकारी सामने आनी चाहिए. उनका कहना है कि इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि कहीं किसी संपत्ति को नियमों के खिलाफ तो हासिल नहीं किया गया या उसका इस्तेमाल अवैध तरीके से तो नहीं हो रहा है.
अवैध निर्माण पर उठाए सवाल
बेदी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री कार्यालय और गृह मंत्रालय को भी टैग किया. उन्होंने दिल्ली की कई संपत्तियों को लेकर सामने आ रहे आरोपों का जिक्र करते हुए कहा कि कुछ मामलों में नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई जा रही है. उनका फोकस सिर्फ निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन संपत्तियों में चल रहे कारोबार और उनकी वैधता की जांच की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया.
पूर्व आईपीएस अधिकारी ने इसके पीछे वर्षों से चले आ रहे कथित भाई-भतीजावाद और भ्रष्टाचार की संस्कृति को जिम्मेदार बताया. उनके मुताबिक, ऐसी व्यवस्था न केवल कानूनी बल्कि लोगों की सुरक्षा के लिहाज से भी गंभीर खतरा पैदा करती है.
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किरण बेदी इससे पहले भी दिल्ली में अवैध निर्माण को लेकर सवाल उठा चुकी हैं. उन्होंने कहा था कि छोटे स्तर के निर्माण कार्य में भी एमसीडी अधिकारियों की कथित वसूली की शिकायतें सामने आती रहती हैं. उनका मानना है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में अवैध कॉलोनियां और कमजोर इमारतें मौजूद हैं, जो भूकंप जैसी आपदा के समय भारी तबाही का कारण बन सकती हैं.
बेदी ने यह भी कहा था कि राजधानी का विस्तार योजनाबद्ध तरीके से होने के बजाय कई जगह भ्रष्टाचार और अनधिकृत निर्माण के सहारे हुआ है. उनके अनुसार, जब तक जवाबदेही तय नहीं होगी, ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल रहेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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