(फोटो: IANS)
राऊज एवेन्यू कोर्ट ने सितंबर 2022 में संसद को उड़ाने की कथित धमकी देने के मामले में मध्य प्रदेश के पूर्व विधायक किशोर समरीते को दोषी ठहराया है. कोर्ट ने हालांकि उन्हें विस्फोटक रखने और जान को खतरे में डालने के आरोपों से बरी कर दिया. विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा कि समरीते के द्वारा राज्यसभा के महासचिव को भेजे गए पार्सल में पाया गया पदार्थ विस्फोटक क्षमता से हानिरहित था, जिससे विस्फोटक अधिनियम के तहत आरोप साबित नहीं हो पाए.
धमकी भरा पत्र भेजने का आरोप
कोर्ट ने बताया कि समरीते ने 16 सितंबर, 2022 को एक धमकी भरा पत्र भेजा था, जिसमें उसने कहा था कि अगर उसकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो वह भारत की संसद को उड़ा देगा. पत्र में एक संदिग्ध पदार्थ और संविधान और भारतीय ध्वज की प्रति भी शामिल थी.
धमकी देने पर दोषी ठहराया गया
अदालत ने समरीते को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 506 (भाग 2) के तहत दोषी ठहराया, जो जान से मारने या गंभीर रूप से चोट पहुंचाने की धमकी देने से संबंधित है. इस आरोप के तहत समरीते को अधिकतम सात साल की सजा हो सकती है. अदालत ने सजा पर बहस के लिए 27 फरवरी की तारीख तय की है. इस मामले में समरीते को दोषी ठहराने के बाद, अब अदालत सजा के मुद्दे पर फैसला करेगी. यह फैसला भारतीय राजनीति और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


