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NEET विरोध के नाम पर उपद्रव? ‘संसद चलो’ हिंसा की NIA जांच की मांग, HC में सुनवाई

NEET Protest: NEET UG पेपर लीक विरोध प्रदर्शन और ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हुई हिंसा, विदेशी फंडिंग और सोनम वांगचुक की भूमिका की जांच की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है.

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दिल्ली हाई कोर्ट

Edited by Shubhra Rai

NEET Protest: नीट यूजी पेपर लीक को लेकर हो रहे प्रदर्शन और संसद चलो मार्च की एनआईए जांच की मांग वाली याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट 24 जुलाई को सुनवाई करेगा. मुख्य न्यायाधीश डी. के उपाध्याय की अध्यक्षता वाली बेंच के समक्ष जल्द सुनवाई की मांग को लेकर मेंशनिंग की गई. जिसपर कोर्ट जल्द सुनवाई को तैयार हो गया है.

यह याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल के वकील बरूण सिन्हा ने दायर की है. दायर याचिका में नीट विरोध प्रदर्शन के लिए कथित विदेशी फंडिंग की जांच की मांग की गई है. जनहित याचिका में दावा किया गया है कि यह विरोध प्रदर्शन एक साजिश थी. जिसमें विदेशी फंडिंग वाले लोग शामिल थे और शहर को बंधक बना लिया गया था.

क्या है पूरा मामला?

दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि जंतर-मंतर पर शुरू हुआ प्रदर्शन बाद में राजनीतिक रंग ले बैठा और 20 जुलाई के ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, पत्रकारों पर हमले, एम्बुलेंस का रास्ता रोकने और संसद की ओर बढ़ने जैसी घटनाएं हुई. याचिकाकर्ता का दावा है कि इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच जरूरी है. दायर याचिका में सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की भूमिका और उनके कुछ विदेशी संगठनों से कथित संबंधों का भी उल्लेख किया गया है.

याचिकाकर्ता ने इन पहलुओं की भी जांच कराने की मांग की गई है. हालांकि दस्तावेज में ये आरोप याचिकाकर्ता के दावे के रूप में दर्ज हैं और इन पर किसी अदालत या जांच एजेंसी की पुष्टि का उल्लेख नहीं है. याचिकाकर्ता के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कई राजनीतिक दलों के नेताओं की मौजूदगी से यह आंदोलन छात्रों का न रहकर राजनीतिक आंदोलन बन गया. इसमें आम आदमी पार्टी, समाजवादी पार्टी और आजाद समाज पार्टी के नेताओं का भी जिक्र किया गया है.

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि,

20 जुलाई की घटनाओं की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी या किसी अन्य विशेष एजेंसी से कराई जाए, दिल्ली पुलिस द्वारा दर्ज सभी एफआईआर उस एजेंसी को सौंपी जाए और हिंसा, तोड़फोड़ व अन्य कथित अपराधों में शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश देने की मांग की गई है.

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-भारत एक्सप्रेस



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