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NEET UG 2026: नीट पेपर लीक मामले में बड़ा एक्शन; शुभम खैरनार CBI रिमांड पर, 5 आरोपी भेजे गए जेल

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार शुभम खैरनार को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 5 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया, जबकि 5 अन्य आरोपियों को 2 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है.

Rouse Avenue Court

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार शुभम खैरनार को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 5 दिन के लिए सीबीआई रिमांड की अवधि को बढ़ा दिया है, वही 5 आरोपियों को कोर्ट ने 2 जून के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. सीबीआई ने शुभम खैरनार, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल दिनेश बिवाल, यश यादव और धनंजय लोखंडे को रिमांड की अवधी खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया था.

सीबीआई के विशेष जज अजय गुप्ता के सीबीआई ने यह निर्देश दिया है. सीबीआई ने शुभम खैरनार की सात दिन के लिए सीबीआई रिमांड बढ़ाने की मांग की थी. सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया था कि आरोपियों ने फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी से जुड़े कई सवाल लीक किया, ताकि जयपुर के मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल जाए. जिससे क्वालिफाइंग मार्क मिल जाए, लगभग 100 सवाल लीक हुए.

यश यादव के मोबाइल से मिला अहम सबूत

सीबीआई ने बताया था कि यश यादव को टेलीग्राफ के जरिये पेपर मिले. सीबीआई ने कोर्ट को यह भी बताया था कि टेलीग्राफ और व्हाट्सएप के जरिये जो पेपर बरामद हुए हैं, वो नीट में आने वाले पेपर के हूबहू है. यश यादव का फोन भी बरामद किया गया है, जिससे इंक्रिमिनेटिंग सबूत मिले. सीबीआई ने बताया था कि हमें व्यापक साजिश की जांच करनी है. इसमें पब्लिक सर्वेंट या सरकारी कर्मचारी की क्या भूमिका है, प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका क्या है? ये सब जांचने के लिए हमें आरोपियों की रिमांड लेनी है. शुभम ने यश यादव को प्रश्न पत्र दिए थे. इस मामले में सीबीआई ने 10 लोगों को गिरफ्तार किया है.

सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों से निवारण) अधिनियम, 2024 की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है. सूत्रों के मुताबिक मास्टर माइंड दिनेश लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था.

जांच एजेंसियों के सामने सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह आया है कि दिनेश के परिवार के पांच बच्चों का वर्ष 2025 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में चयन हुआ था. खुद आरोपी ने भी सोशल मीडिया पर नवंबर 2025 में इसे परिवार के लिए गर्व का विषय बताते हुए पोस्ट किया था.

सीबीआई यह पता लगाने में जुड़ी है कि कहीं इन अभ्यर्थियों को भी अवैध तरीके से 2025 की परीक्षा में लाभ तो नहीं पहुंचाया गया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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