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NEET 2026 Paper Leak: धनंजय लोखंडे भी 6 दिन की CBI रिमांड पर, ‘मास्टरमाइंड’ के परिवार से 5 बच्चों के MBBS सिलेक्शन पर भी गहराया शक

नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार धनंजय लोखंडे को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 6 दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है.

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NEET 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार धनंजय लोखंडे को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 6 दिन के लिए सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है. सीबीआई ने कोर्ट से 6 दिन की रिमांड की मांग की, जिसपर सुनवाई के बाद कोर्ट ने 6 दिनों के लिए सीबीआई रिमांड के लिए आदेश पारित किया. इससे पहले सीबीआई के विशेष जज अजय गुप्ता ने 5 आरोपियों को सीबीआई की मांग पर 7 दिन के लिए रिमांड पर भेज दिया था. राऊज एवेन्यु कोर्ट सीबीआई की मांग पर शुभम खैरनार, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल दिनेश बिवाल को और यश यादव को रिमांड पर भेजा है.

सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों ने फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी से जुड़े कई सवाल लीक किया, ताकि जयपुर के मेडिकल कॉलेज में दाखिला मिल जाए. जिससे क्वालिफाइंग मार्क मिल जाए, लगभग 100 सवाल लीक हुए. सीबीआई ने बताया कि यश यादव को टेलीग्राफ के जरिये पेपर मिले. सीबीआई ने कोर्ट को यह भी बताया कि टेलीग्राफ और व्हाट्सएप के जरिये जो पेपर बरामद हुए हैं, वो नीट में आने वाले पेपर के हूबहू है. यश यादव का फोन भी बरामद किया गया है, जिससे इंक्रिमिनेटिंग सबूत मिले. सीबीआई ने बताया कि हमें व्यापक साजिश की जांच करनी है.

NEET पेपर लीक केस में संगठित गिरोह की भूमिका की जांच जारी

इसमें पब्लिक सर्वेंट या सरकारी कर्मचारी की क्या भूमिका है, प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका क्या है? ये सब जांचने के लिए हमें आरोपियों की रिमांड लेनी है. शुभम ने यश यादव को प्रश्न पत्र दिए थे. इस मामले में सीबीआई ने पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने शुभम खैरनार को नासिक से, मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल दिनेश बिवाल को जयपुर राजस्थान से और यश यादव को हरियाणा से गिरफ्तार किया गया है. सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों से निवारण) अधिनियम, 2024 की अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है.

परिवार के पांच बच्चों के MBBS चयन पर भी उठा सवाल

सूत्रों के मुताबिक मास्टर माइंड दिनेश लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े नेटवर्क के संपर्क में था. जांच एजेंसियों के सामने सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह आया है कि दिनेश के परिवार के पांच बच्चों का वर्ष 2025 में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में चयन हुआ था. खुद आरोपी ने भी सोशल मीडिया पर नवंबर 2025 में इसे परिवार के लिए गर्व का विषय बताते हुए पोस्ट किया था. सीबीआई यह पता लगाने में जुड़ी है कि कहीं इन अभ्यर्थियों को भी अवैध तरीके से 2025 की परीक्षा में लाभ तो नही पहुचाया गया था.

फिलहाल सीबीआई की टीम पूरे नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पेपर लीक की जड़े कितनी गहरी हैं. उम्मीद की जा रही है कि आगे की जांच में कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं, जिससे इस पूरे मामले की सच्चाई साफ हो सकेगी. मेडिकल कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 3 मई को आयोजित होने वाली नीट यूजी 2026 परीक्षा को मंगलवार को पेपर लीक होने के बाद रद्द कर दिया गया था. साथ ही सीबीआई जांच के आदेश दिया गया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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