NEET UG Paper Leak Case Update: नीट-यूजी पेपर लीक मामले में आरोपी दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की ओर से दायर जमानत याचिका पर राऊज एवेन्यु कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. स्पेशल जज अजय गुप्ता ने यह नोटिस जारी किया है. कोर्ट 23 जुलाई को जमानत याचिका पर अगली सुनवाई करेगा. फिलहाल दोनों 24 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में है.
13 लोगों को गिरफ्तार
मामले में सीबीआई ने अभी तक 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. दिनेश बिवाल और विकास बिवाल भी इसी मामले में तिहाड़ जेल में बंद है. दरअसल मांगीलाल बिवाल ने अ पने बेटे विकास के लिए पेपर का जुगाड़ करने के लिए शुभम खैरनानर से संपर्क किया, सीबीआई जांच में विकास के मोबाइल से लीक पेपर भी मिला था. सीबीआई के मुताबिक मांगीलाल ने ये पेपर यश यादव से 10 लाख रुपए में खरीदा था. पूछताछ में पता चला कि विकास और यश की जान-पहचान राजस्थान के सीकर में कोचिंग के दौरान हुई थी. हालही में सीबीआई ने शिवराज मोटेगांवकर की ओर से दायर जमानत का विरोध करते हुए कई चौकाने वाले खुलासे किया है.
पेपर लीक करवाने के लिए 5 लाख रुपए दिए
सीबीआई ने राऊज एवेन्यु कोर्ट को बताया कि लातूर स्थित कोचिंग सेंटर संचालक शिवराज मोटेगांवकर ने एनटीए पैनल में शामिल केमिस्ट्री टीचर पीवी कुलकर्णी से पेपर लीक करवाने के लिए 5 लाख रुपए दिए थे. सीबीआई का दावा है कि यह पूरा मामला सुनियोजित साजिश का हिस्सा था और इसमें कई लोग शामिल थे. इतना ही नहीं लातूर में रेणुकाई केमेस्ट्री क्लासेज चलाने वाले शिवराज मोटेगांवकर ने अपने बेटे को कुलकर्णी की कोचिंग क्लास में दाखिला दिलवाया था, जहां से उन्हें लीक किया गया प्रश्नपत्र मिला. जांच एजेंसी का आरोप है कि मोटेगांवकर को ये सवाल पी. वी. कुलकर्णी से मिले थे. जो नेशनल टेस्टिंग एजेंसी के उस पैनल का हिस्सा थे जिसने नीट-यूजी 2026 का प्रश्नपत्र तैयार किया था.
मोबाइल फोन की जांच में 36 तस्वीरें बरामद
सीबीआई ने शिवराज मोटेगांवकर की ओर से दायर जमानत याचिका पर कोर्ट द्वारा दाखिल जवाब में यह चौकाने वाला खुलासा किया है. सीबीआई ने अपने जवाब में बताया कि आरोपी ने कुलकर्णी की क्लास में मिले सवालों के आधार पर हाथ से नोट्स भी तैयार किए थे. सीबीआई ने उसके मोबाइल फोन की जांच में 36 तस्वीरें बरामद की, जिनमें केमिस्ट्री के कुल 132 हाथ से लिखे सवाल पाए गए. सीबीआई का दावा है कि इनमें से 111 सवाल एनटीए द्वारा तैयार किए गए नीट-यूजी 2026 के मास्टर क्वेशन सेट से मेल खाते है.
एजेंसी का कहना है कि,
ये नोट्स कथित तौर पर कुलकर्णी की केमेस्ट्री क्लास में दिए गए सवालों के आधार पर तैयार किए गए थे. मोबाइल के डेटा विश्लेषण से पता चला कि ये तस्वीरें 3 मई को होने वाली परीक्षा से लगभग 10 दिन पहले ही खींच ली गई थी. एजेंसी ने कोर्ट को यह भी बताया कि आरोपी के मोबाइल से बरामद नोट खुद शिवराज मोटेगांवकर की हैंडराइटिंग में हैं. बता दें कि 3 मई को नीट की परीक्षा देश के विभिन्न शहरों में आयोजित की गई, जिसमें कहा गया है पेपर लीक हुआ है. इसकी जांच के बाद पेपर को रद्द कर दिया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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