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खुद का वीडियो ही बना गले की फांस! नीट पेपर लीक में RCC कोचिंग के मालिक मोटेगांवकर की रिमांड बढ़ी

NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में लातूर के आरसीसी कोचिंग मालिक शिवराज मोटेगांवकर की CBI रिमांड एक दिन के लिए बढ़ा दी गई है. सीबीआई जांच में सामने आया है कि लीक प्रश्नपत्र कोचिंग नेटवर्क के जरिए 2 लाख से 10 लाख रुपये में बेचा जा रहा था. कुल 10 गिरफ्तारियां हुई.

NEET UG Exam Paper Leak Matter

NEET UG Exam Paper Leak Matter

Edited by Shubhra Rai

NEET UG 2026 Paper Leak: नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार शिवराज मोटेगांवकर की सीबीआई रिमांड की अवधि को एक दिन के लिए बढ़ा दिया है. सीबीआई रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद मोटेगांवकर को पेश कर सीबीआई ने एक दिन के लिए रिमांड की अवधि को बढ़ाने की मांग की, जिसे कोर्ट ने बढ़ा दिया है. इससे पहले कोर्ट ने 9 दिन के लिए सीबीआई रिमांड पर भेज दिया था.

सीबीआई ने 10 दिन की रिमांड का मांग

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अजय गुप्ता ने सभी पक्षों की जिरह के बाद यह आदेश दिया है. पिछली सुनवाई के दौरान सीबीआई ने 10 दिन की रिमांड का मांग करते हुए कहा था कि शिवराज मोटेगांवकर और पीवी कुलकर्णी के बीच गहरे संबंध है. इसकी जांच करनी है. जबकि गिरफ्तार आरोपी के वकील ने रिमांड का विरोध किया था. यह लातूर स्थित आरसीसी कोचिंग संस्थान के मालिक है. जो छात्रों को नीट यूजी की तैयारी करवाते थे. आरसीसी के 9 ब्रांच है.

सीबीआई ने केमेस्ट्री का प्रश्नपत्र बरामद

इनमें मुख्य शाखा लातूर में है वे NTA से जुड़े केमेस्ट्री विज्ञान के व्याख्याता पीवी कुलकर्णी के करीबी माना जा रहा है. शिवराज मोटेगांवकर के यहां हुई छापेमारी के दौरान सीबीआई ने केमेस्ट्री का प्रश्नपत्र बरामद किया है. शिवराज मोटेगांवकर ने अपनी सफाई में कहा है कि गैस प्रश्नपत्र दिया था हो सकता है कि वह मूल प्रश्नपत्र से मैच खा गया हो.

जांच में पेपर लीक के एक विस्तृत रेट कार्ड का खुलासा हुआ है. पूर्ण में पेपर का मूल्य 2 लाख रुपये तय था, जो नागपुर पहुचते-पहुचते 10 लाख रुपए तक हो जाता था.

पेपर चार से पांच लाख रुपए में बेचते

कोचिंग संस्थानों को यह पेपर चार से पांच लाख रुपए में बेचा जाता था. सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि शिवराज मोटेगांवकर नीट यूजी का पेपर लीक करने वाले और उसे बाजार में घुमाने वाले गैंग का शातिर सदस्य है. अरेस्ट मेमो के मुताबिक मोटेगांवकर ने बाकी आरोपियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची और नीट यूजी परीक्षा 2026 के असली सवाल और उनके जवाब परीक्षा होने से बहुत पहले, यानी 23 अप्रैल 2026 को ही अपने पास मंगवा लिए थे.

पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी का आधार

बताया जा रहा है कि पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद जब मामले को सीबीआई को सौंपा गया, तो जांच में सीबीआई को एक वीडियो हाथ लगा. ये वीडियो शिवराज मोटेगांवकर की तरफ से खुद अपलोड किया गया था, जो अब शिवराज मोटेगावकर की पेपर लीक मामले में गिरफ्तारी का आधार बना है. ये वीडियो अब वायरल हो रहा है.

कुल 10 लोगों को गिरफ्तार

सीबीआई ने बताया कि इस मामले में अब तक कुल 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. ये गिरफ्तारियां दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से हुई है. इससे पहले 9 आरोपियों को अदालत में पेश कर सीबीआई ने रिमांड में लिया था और उनके पूछताछ जारी है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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