राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने वष्राजल संचयन व्यवस्था के त्रुटिपूर्ण होने की वजह से भूजल के प्रदूषित होने के मामले में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) एवं दिल्ली प्रदूषण निवारण आयोग (डीपीसीसी) से जवाब मांगा है. एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव एवं सदस्य डा. ए. सेंथिल वेल की पीठ ने दोनों से इस मुद्दे पर विस्तृत कार्यवाही रिपोर्ट चार हफ्ते में दाखिल करने को कहते हुए सुनवाई 4 नवंबर के लिए स्थगित कर दी है.
महेश चंद्र सक्सेना ने एनजीटी में एक अर्जी दाखिल कर कहा था कि वष्राजल संचयन व्यवस्था में खामी रहने के कारण 115 सोसायटियों का वष्राजल संक्रमित हो गया है. इसपर एनजीटी ने डीजेबी व डीपीसीसी से जवाब मांगा था.
डीजेबी ने 22 जुलाई को रिपोर्ट दाखिल कर कहा कि उसने द्वारका के 176 सोसायटियों के वष्राजल संचयन का जांच किया जिसमें से 115 सोसायटियों का वष्राजल संचयन व्यवस्था त्रुटिपूर्ण पाया गया. कई में संचयन व्यवस्था सही नहीं पाया गया जबकि चार में व्यवस्था पूरी तरह से बंद था.
पीठ ने इसके बाद डीजेबी व डीपीसीसी से इसको व्यवस्थित करने को लेकर उठाए गए कदमों की रिपोर्ट दाखिल करने को कहा.
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भारत एक्सप्रेस
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