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संसद सुरक्षा चूक: 4 आरोपियों की बढ़ी न्यायिक हिरासत, कोर्ट बोला- ‘खुद को शहीद न समझें आरोपी’; 27 मार्च को अगली सुनवाई

पटियाला हाउस कोर्ट ने संसद सुरक्षा चूक मामले में जेल में बंद आरोपियों की हिरासत 27 मार्च तक बढ़ा दी है. कोर्ट ने कहा कि संसद की सुरक्षा को हल्के में नहीं लिया जा सकता. नीलम आजाद को शर्तों के साथ मिली है जमानत.

Parliament Security Breach Patiala House Court
Edited by Vaibhav Gupta

पटियाला हाउस कोर्ट ने संसद सुरक्षा चूक मामले में जेल में बंद चार आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि को 27 मार्च तक के लिए बढ़ा दिया है. कोर्ट दो आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के मामले पर 27 मार्च को सुनवाई करने का आदेश दिया है.

आरोपियों को शर्तो के साथ मिली जमानत

इस मामले में 13 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट ने संसद सुरक्षा चूक की आरोपी नीलम आजाद की जमानत की शर्तों में बदलाव करते हुए उसे गृह जिले हरियाणा के जींद में रहने की इजाजत दे दी थी. इस मामले के दो आरोपियों नीलम आजाद और महेश कुमावत को जमानत मिल चुकी है. कोर्ट ने दोनों को कुछ शर्तों के साथ जमानत दे दिया है.

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि जमानत के दौरान सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेंगे, ना ही गवाहों को प्रभावित नही करेंगे और ना ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करेंगे.

संसद देश का गौरव

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि गिरफ्तार आरोपी खुद की तुलना भगत सिंह जैसे शहीदों से नहीं कर सकते है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा था कि आरोपियों पर UAPA के तहत मामला क्यों दर्ज किया गया. कोर्ट ने कहा था कि कोई भी संसद भवन में शरारत या ऐसा कुछ नहीं कर सकता.

कोर्ट ने ये भी कहा था कि संसद देश का गौरव है. ऐसे में कोर्ट को सारी चीजों पर ध्यान देना होगा. इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता है.

बरसी के दिन घटी थी घटना

पिछली सुनवाई के दौरान एएसजी चेतन शर्मा ने कहा था कि ये घटना 2001 के संसद पर हमले की बरसी के दिन घटी है. तब कोर्ट ने पूछा था कि धुंए का कनस्तर को सुरक्षा जांच और मेटल डिक्टेटर से गुजरा होगा. मतलब उसमें मेटल नहीं था.

बता दें कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो गई है. जिसमें मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आजाद का नाम शामिल है.

कब दर्ज हुआ था मामला?

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 15 जुलाई 2024 को पूरक चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्ली पुलिस ने आरोपियों में खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 186, 353, 153, 452, 201, 34, 120 बी और यूएपीए की धारा 13, 16, 18 के तहत चार्जशीट दाखिल किया था. दिल्ली पुलिस ने 7 जून 2024 को पहली चार्जशीट दाखिल किया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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