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आदर्श क्रेडिट कॉपरेटिव सोसाइटी घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- ‘अभी जमानत नहीं, हमारा फोकस निवेशकों का पैसा लौटाने पर’

राजस्थान में चर्चित आदर्श क्रेडिट कॉपरेटिव सोसाइटी घोटाला की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने आरोपियों को डिफॉल्ट बेल दिए जाने का कड़ा विरोध किया है.

West Bengal, Supreme Court, TMC

देश के सबसे बड़े सहकारी निवेश घोटालों में से एक आदर्श क्रेडिट कॉपरेटिव सोसाइटी घोटाला मामले की सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार ने डिफॉल्ट बेल दिए जाने का विरोध किया है. जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने कहा कि वह आरोपियों की ओर से दायर डिफॉल्ट बेल याचिका पर सुनवाई के इच्छुक नही है, फिलहाल उसका मुख्य ध्यान निवेशकों की पैसा वापसी सुनिश्चित करना है.

मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश महाअधिवक्ता शिव मंगल शर्मा ने आरोपियों की ओर से दायर डिफॉल्ट जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला काफी गंभीर है. इस मामले में कई चार्जशीट दाखिल हो चुकी है. आरोपी लगातार अलग-अलग अदालतों में जमानत की गुहार लगाकर कार्यवाही में देरी का प्रयास कर रहे है. ताकि उन्हें जमानत मिल सकें. उन्होंने कहा कि आरोपों की गंभीरता और आरोपियों की भूमिका को देखते हुए उन्हें डिफॉल्ट बेल मांगने का अधिकार नही है. मुकेश मोदी, राहुल मोदी सहित 6 अन्य आरोपियों की ओर से दायर जमानत याचिका का विरोध किया है.

इससे पहले सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार ने इस मामले में शामिल आरोपियों को जमानत नही दिए जाने का अनुरोध किया था. साथ ही  ईडी द्वारा जब्त संपत्तियों की नीलामी कराने और पीड़ितों को उनकी जमा पूंजी वापस दिलाने का अनुरोध किया था. एसओजी द्वारा दायर चार्जशीट में सोसाइटी के आरोपियों ने राजस्थान सहित 7 राज्यों में लाखों लोगों से 14 हजार 800 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की.

2018 में एसओजी ने दर्ज की थी FIR

बता दें कि आदर्श क्रेडिट कॉपरेटिव सोसाइटी घोटाला वर्ष 1999 में मुकेश मोदी और उनके परिवार के द्वारा शुरू किया गया था. इस सोसाइटी ने 2010 से 2014 के बीच करीब 22 लाख लोगों से लगभग 15000 करोड़ रुपए की ठगी की थी. जांच में सामने आया था कि लगभग 125 फर्जी कंपनियों के माध्यम से जनता का पैसा मोदी परिवार के सदस्यों और उनके करीबियों तक पहुचाया गया था.

इस मामले में 2018 में एसओजी ने एफआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद कुछ गिरफ्तारियां भी हुई थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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