Rajpal Yadav interim bail Delhi High Court: करोड़ों रुपये के कर्ज और चेक बाउंस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ रहे अभिनेता राजपाल यादव के लिए राहत भरी खबर आई है. दिल्ली हाई कोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने राजपाल यादव की सजा पर रोक (निलंबन) के आदेश को 1 अप्रैल तक बरकरार रखने का निर्देश दिया है.
दरअसल अदालत ने माना कि अभिनेता के फरार होने का कोई खतरा नहीं है और उन्होंने अब तक मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को कुल 4 करोड़ 25 लाख रुपये का भुगतान कर दिया है. सुनवाई के दौरान राजपाल के वकील ने 25 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट भी पेश किया, जिस पर अदालत ने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि चूंकि पर्याप्त राशि जमा की जा चुकी है, इसलिए फिलहाल उन्हें जेल भेजने की आवश्यकता नहीं है.
भावुक पोस्ट और ‘भारत एक्सप्रेस’ की बड़ी मदद
राजपाल यादव की यह कानूनी मुसीबत साल 2010 से जुड़ी है, जब उन्होंने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था, जो अब ब्याज सहित 9 करोड़ रुपये हो चुका है. पिछले दिनों जब हाई कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था, तब अभिनेता ने एक बेहद भावुक पोस्ट साझा की थी.
उन्होंने कहा था कि उनके पास पैसे नहीं बचे हैं और जेल जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं है. राजपाल की इस बेबसी को देखते हुए कई लोग उनकी मदद के लिए आगे आए. इसी कड़ी में भारत एक्सप्रेस न्यूज़ चैनल के सीएमडी श्री उपेंद्र राय ने दरियादिली दिखाते हुए राजपाल यादव को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की ताकि वे अपनी अदालती देनदारी पूरी कर सकें और उन्हें जेल न जाना पड़े.
अदालत की सख्त टिप्पणी
हालांकि राजपाल को राहत जरूर मिली है लेकिन पिछली सुनवाइयों में कोर्ट का रुख काफी सख्त रहा है. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने स्पष्ट किया था कि फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े होने के कारण उन्हें कोई विशेष रियायत नहीं दी जा सकती. कोर्ट ने उनके पिछले आचरण को ‘निंदनीय’ बताते हुए कहा था कि बार-बार आश्वासन देने के बावजूद उन्होंने आदेशों का पालन नहीं किया.
वहीं राजपाल को अपना पासपोर्ट पहले ही सरेंडर करना पड़ा है और वे बिना अनुमति देश छोड़कर नहीं जा सकते. अब अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील को अगली सुनवाई यानी 1 अप्रैल को मुख्य याचिका पर अपनी अंतिम दलीलें पेश करने का समय दिया है.
यह भी पढ़ें: ‘मर्यादाएं तार-तार…’, राहुल गांधी के ‘संसदीय आचरण’ पर मुख्तार अब्बास नकवी का फूटा गुस्सा
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि यह पूरा विवाद 14 साल पुराना है. राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स से कर्ज लिया था. समय पर भुगतान न होने और चेक बाउंस होने के कारण यह मामला लंबा खिंचता चला गया. अब तक राजपाल 1.5 करोड़ रुपये सीधे शिकायतकर्ता के खाते में भी ट्रांसफर कर चुके हैं. 1 अप्रैल की सुनवाई तय करेगी कि राजपाल यादव को इस कानूनी जाल से पूरी तरह मुक्ति मिलती है या उन्हें बाकी बचे हुए 9 करोड़ रुपये के बकाये के लिए कोई नया भुगतान शेड्यूल तय करना होगा.
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


