चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट ने आखिरी मौका दिया
Supreme Court On Rajpal Yadav: चेक बाउंस मामले में फंसे बॉलीवुड अभिनेता और कॉमेडियन राजपाल यादव को सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल एक और मौका दिया है. हालांकि कोर्ट का रुख साफ है कि अब ज्यादा समय नहीं दिया जाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को कल तक रजिस्ट्री में रकम जमा करने का निर्देश दिया है. मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी.
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राजपाल यादव की ओर से पेश वकीलों को कड़ी फटकार लगाई और साफ संकेत दिया कि याचिका खारिज करने का मन बनाया जा चुका है. हालांकि, शिकायतकर्ता को उसकी रकम मिल सके, इसलिए कोर्ट फिलहाल अंतिम फैसला लेने से पहले एक मौका दे रहा है.
7.5 करोड़ रुपये का मामला, कोर्ट ने मांगी रकम
मामला मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है. आरोप और अदालती रिकॉर्ड के मुताबिक, राजपाल यादव ने अपनी फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए साल 2010 में करीब 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था. समय पर भुगतान नहीं होने के बाद मामला चेक बाउंस तक पहुंच गया. ब्याज और अन्य देनदारियों को जोड़ने के बाद रकम बढ़कर करीब 7.5 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई. कुल बकाया रकम करीब 9 करोड़ रुपये तक पहुंचने की बात कही गई है.
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राजपाल यादव की ओर से 50 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट पेश किया गया. इस पर कोर्ट ने नाराजगी जताई. जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने यहां तक कहा कि इस तरह के रवैये को सही जगह लाने की जरूरत है और वकील को यह समझना चाहिए कि अदालत में कब और क्या कहना है.
कोर्ट ने कहा- याचिका खारिज करने का मन है
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने बेहद सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि उसका मन राजपाल यादव की याचिका खारिज करने का है. हालांकि, अदालत यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि शिकायतकर्ता को उसकी रकम मिल जाए. इसी वजह से राजपाल यादव को एक आखिरी अवसर दिया गया है.
इससे पहले भी कोर्ट ने कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था. राजपाल यादव की ओर से पेश वरिष्ठ वकील ने अदालत से दो सप्ताह का आखिरी मौका देने की मांग की थी और भरोसा दिलाया था कि कम से कम 2 करोड़ रुपये जमा किए जाएंगे.
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने 5 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि अगर यह रकम जमा कर दी जाती है तो राजपाल यादव को जेल नहीं जाना पड़ेगा.
दिल्ली हाई कोर्ट ने सुनाई थी सजा
इस पूरे मामले में दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही राजपाल यादव की दोषसिद्धि बरकरार रख चुका है. जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने अपने फैसले में कहा था कि राजपाल यादव को अपना वादा पूरा करने के लिए कई मौके मिले, लेकिन उन्होंने अदालत के आदेशों का पूरी तरह पालन नहीं किया.
हाई कोर्ट ने चेक बाउंस से जुड़े सात मामलों में राजपाल यादव को तीन-तीन महीने की साधारण कैद की सजा सुनाई थी. हालांकि, सभी सजाएं एक साथ चलनी थीं. इसके अलावा हर मामले में 1.05 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था. राजपाल यादव की पत्नी राधा राजपाल यादव पर भी प्रत्येक मामले में 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया.
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया था कि राजपाल यादव पहले जो रकम जमा कर चुके हैं, उसे कुल देनदारी में समायोजित किया जाएगा.
अब तक 4.25 करोड़ रुपये दे चुके हैं
राजपाल यादव अब तक मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को करीब 4 करोड़ 25 लाख रुपये का भुगतान कर चुके हैं. इस भुगतान को देखते हुए अदालत ने उन्हें तत्काल जेल भेजने के बजाय राहत दी थी. उन्हें 18 मार्च तक अंतरिम जमानत भी मिली थी और पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया गया था.
हालांकि, बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का निर्देश दिया. हाई कोर्ट ने यह भी साफ कर दिया था कि अभिनेता या फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े होने के कारण उन्हें कानून के तहत कोई विशेष रियायत नहीं दी जा सकती.
भावुक पोस्ट के बाद सामने आई मदद
सरेंडर के आदेश के बाद राजपाल यादव ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा की थी. उन्होंने आर्थिक परेशानी का जिक्र करते हुए कहा था कि उनके पास पर्याप्त पैसे नहीं हैं और उनके सामने जेल जाने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है.
इसके बाद कुछ लोग उनकी मदद के लिए सामने आए. भारत एक्सप्रेस न्यूज चैनल के सीएमडी उपेंद्र राय ने भी राजपाल यादव को 25 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देकर आर्थिक मदद की थी.
अब इस मामले में सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई पर है. कोर्ट ने राजपाल यादव को रकम जमा करने के लिए अंतिम मौका दिया है. कल तक पैसा जमा होता है या नहीं और 7 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या फैसला सुनाता है, यह देखने वाली बात होगी.
-भारत एक्सप्रेस
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