दिल्ली के द्वारका कोर्ट ने रिलायंस अनिल अंबानी ग्रुप (आरएएजी) के पूर्व एमडी सतीश सेठ को 2 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. सेठ से ईडी की पूछताछ खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया.
चश्मा और दवाइयां रखने की मिली अनुमति
कोर्ट ने सेठ की मांग पर उन्हें जेल में अपना चश्मा और डॉक्टर की सलाह के मुताबिक दवाइयां रखने की अनुमति दे दी है. साथ ही विस्तार उपलब्ध कराने की मांग पर कोर्ट ने कहा कि जेल प्रशासन जेल नियमावली के अनुसार फैसला ले.
हालांकि सेठ को 19 जून तक ईडी रिमांड पर भेजा गया था. लेकिन पूछताछ जल्द खत्म होने पर पहले ही कोर्ट में पेश कर दिया गया. जिसके बाद कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
सतीश सेठ पर क्या है आरोप?
ईडी का आरोप है कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर ने शेल कंपनियों का इस्तेमाल कर धन विदेश भेजा और लगभग 100 करोड़ रुपये की राशि भारत से बाहर ट्रांसफर की गई. रिमांड पर सुनवाई के दौरान ईडी ने कोर्ट को बताया था कि सतीश सेठ समूह के शीर्ष पद पर रहते हुए वित्तीय और व्यावसायिक फैसलों पर नियंत्रण रखते थे और फंड के रूटिंग व लेनदेन की संरचना में उनकी अहम भूमिका रही है.
वहीं बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील ने गिरफ्तारी को अवैध बताते हुए कहा था कि ईडी ने कानून के प्रावधानों का पालन नहीं किया है और सेठ पहले भी जांच में सहयोग करते रहे है.
हवाले के जरिये विदेश भेजा पैसे
मनी लॉन्ड्रिंग के कथित मामले में गिरफ्तार सेठ पर आरोप है कि उन्होंने ज्यादा कीमत पर डायमंड इंपोर्ट दिखाकर फर्जी बिल बनाये और हवाला के जरिये पैसे को विदेश भेजे. जांच में सामने आया है कि जयपुर रींगस और त्रिची-करूर टोल रोड परियोजनाओं से सार्वजनिक धन को योजनाबद्ध तरीके स्व बाहर भेजे.
आरोप है कि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (आरआईएल) ने शेल कम्पनियों के इस्तेमाल किया गया. कुल मिलाकर करीब 100 करोड़ रुपए की हेराफेरी की बात सामने आई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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