रेणुकास्वामी हत्या मामले में फिल्म अभिनेता दर्शन, पवित्र गौड़ा सहित 5 अन्य को मिली जमानत के खिलाफ दायर कर्नाटक सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने सभी पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हाई कोर्ट द्वारा दर्शन सहित अन्य को दी गई जमानत पर नाराजगी जताई है.
जस्टिस पारदीवाला ने की टिप्पणी
जस्टिस पारदीवाला ने टिप्पणी करते हुए कहा कि हम हाई कोर्ट जैसी गलती नहीं करेंगे, न ही हम दोषसिद्धि और न ही बरी करने पर कोई फैसला देंगे. कोर्ट ने पवित्रा गौड़ा के वकील से कहा कि क्या आपको नहीं लगता कि हाई कोर्ट ने असल में अभियुक्त को बरी कर दिया? जिस तरीके से आदेश लिखा गया है, माफ कीजिए क्या हाई कोर्ट बाकी मामलों में भी ऐसे आदेश देती हैं? कोर्ट ने कहा कि सबसे ज्यादा परेशान करने वाली बात यह है कि हाई कोर्ट ने हत्या जैसे 302 के मामले में ये कहा कि गिरफ्तारी के कारण नहीं बताए गए.
कर्नाटक सरकार की दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट ने जताई आपत्ति
जस्टिस पारदीवाला ने कहा कि अगर निचली अदालत ऐसी गलती करें तो समझ में आता है, लेकिन हाई कोर्ट के न्यायाधीश से ऐसी उम्मीद नही की जा सकती. मामले की सुनवाई के दौरान कर्नाटक सरकार की दलीलों पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताई है. राज्य सरकार ने कहा कि ट्रायल डे-टू-डे चलाया जाएगा. इसपर कोर्ट ने पूछा कि इस केस में ही डे-टू-डे ट्रायल क्यों?जबकि कई विचाराधीन कैदी 5-6 साल से जेल में बंद है. कोर्ट ने कहा कि क्या आपको नहीं लगता कि वास्तव में सभी को बरी कर दिया है.
कर्नाटक हाई कोर्ट ने दर्शन थुगुड़ीपा को दिया जमानत
कर्नाटक हाई कोर्ट ने दर्शन थुगुड़ीपा को जमानत दे दिया है. दर्शन के साथ कोर्ट ने उनके दोस्त पवित्रा गौड़ा और पांच अन्य को भी जमानत दे दी है. जून 2024 में बेंगलुरु में एक फ्लाईओवर पर 33 साल के ऑटो चालक रेणुका स्वामी को मृत पाया गया. रेणुका दर्शन का प्रशंसक था. दिनेश के कहने पर उसका अपहरण किया गया था. इसके बाद उसकी हत्या की गई.
क्या थी रेणुका की हत्या करने की वजह?
रेणुका की हत्या इसलिए कि गई, क्योंकि वह दर्शन की महिला दोस्त पवित्रा गौड़ा को परेशान कर रहा था. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक दर्शन इसी बात से नाराज होकर हत्या करवाई थी. हालांकि रेणुकास्वामी की पत्नी ने इन सभी आरोपों से इनकार किया था. उसका कहना था कि अगर रेणुका ने ऐसा कुछ किया भी था तो उसे वार्निंग दी जानी चाहिए थी. जान से मारने की ऐसी कोई वजह नही थी.
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की बातों पर नहीं किया भरोसा
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की बातों पर भरोसा नही किया और जांच को आगे जारी रखा जिसके बाद सच का खुलासा हुआ था. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि अन्य आरोपियों ने दर्शन के कहने पर 30 लाख रुपए में इस हत्या का अंजाम दिया था. जिसमें से 5 लाख रुपए उन्हें एडवांस मिले थे. इस मामले में पुलिस ने 4000 पन्नों का चार्जशीट दाखिल किया है. जिसके बाद पुलिस ने 1300 पेज का सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल किया है. जिसमें 30 से अधिक गवाहों, एफएसएल और अन्य तकनीकी जांच दस्तावेज सहित 40 से अधिक साक्ष्य शामिल है.
-भारत एक्सप्रेस
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