दिल्ली की एक जिला अदालत ने जांच के लिए नियुक्त किए गए लोकल कमिश्नर के साथ र्दुव्यवहार करने के मामले को काफी गंभीरता से लिया है.
रोहिणी कमर्शियल कोर्ट के जिला न्यायाधीश विनोद यादव ने इसको लेकर हरियाणा के मुख्य सचिव व वहां के डीजीपी के माध्यस से संबंधित एसएसपी से र्दुव्यवहार की घटना को लेकर अपने रिपोर्ट देने को कहा है. कोर्ट 26 मई को मामले में अगली सुनवाई करेगा.
यह घटना हरियाणा के नई बस्ती (फतेहाबाद जिला) में हुई जहां अदालत की ओर से जांच के लिए नियुक्त आयुक्त (एलसी) आयुष राठौर शिव टोबैको कंपनी में ट्रेडमार्क उल्लंघन से संबंधित मामले की जांच के लिए गए थे.
एलसी राठौर ने अदालत में अर्जी दाखिल कर कहा कि जव वह उसके 2 मई का आदेश पालन करते हुए 10 मई को कंपनी में जांच करने गए तो एक आरोपी की मां ने कहा कि वह नहीं है. इसके बाद जांच के दौरान जानबूझकर व्यवधान डाला जाने लगा. जिससे जांच न हो. फिर घटनास्थल पर स्थानीय मीडिया को बुला लिया गया और उस दौरान वे लोग उसके साथ बेवजह बहस करने लगे और उसके साथ र्दुव्यवहार किया. इतना ही नहीं कई महिलाएं वहां आ गई और जांच करने से रोका व विरोध किया.
जब उन महिलाओं को अदालती आदेश के बारे में बताया गया तो उन्होंने धमकी दी कि वे लोग उसके खिलाफ महिला के साथ झूठा बदसलूकी का केस दर्ज करा देंगी.
एलसी यह सब बताते हुए अदालत में रो पड़ा था. साथ ही दोषियों के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की गुहार लगाई. न्यायाधीश ने कहा कि यह बहुत गंभीर मामला है. उसके बाद उन्होंने हरियाणा के मुख्य सचिव व डीजीपी से इसको लेकर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा. साथ ही उनलोगों को ईमेल के माध्यम से अदालती आदेश भेजने का निर्देश दिया.
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