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1984 सिख विरोधी दंगे के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार सहित अन्य की ओर से दायर जमानत याचिका पर 10 सितंबर को होगी सुनवाई

1984 सिख विरोधी दंगों के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार और अन्य की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 10 सितंबर को सुनवाई करेगा. दिल्ली हाई कोर्ट ने पहले सज्जन कुमार को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार

पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार

1984 सिख विरोधी दंगे के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार, बलवंत खोखर सहित अन्य की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 10 सितंबर को सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई में सज्जन कुमार की ओर से दायर जमानत याचिका का सीबीआई ने विरोध किया है. कोर्ट ने सीबीआई से पूछा था कि अगर सज्जन कुमार को जमानत देते है तो क्या सज्जन कुमार परेशानी का सबब बनेंगे. जिसपर सीबीआई ने पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि सर्च के दौरान भीड़ ने सीबीआई का विरोध किया. भीड़ तभी हटी जब सज्जन कुमार को जमानत मिली और उन्होंने भीड़ को कहा कि उन्हें अग्रिम जमानत मिल गई है, इन्हें जाने दे.

भीड़ को प्रभावित करने के आरोपों का जिक्र

बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए सिख विरोधी दंगा से जुड़े एक मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई थी. कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा था कि परिस्थिति जन्य साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को अगर ध्यान से देखे तो साफ पता चलता है कि कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने अपनी भूमिका का निर्वाह नही किया था. वो हिंसा पर उतारू भीड़ को समझा बुझा सकते थे. कोर्ट ने अपनी इस टिप्पणी के साथ निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को पलते हुए उम्रकैद की सजा सुनाया था.

बता दें कि दिल्ली कैंटोनमेंट के राज नगर इलाके में एक दो नवंबर 1984 को पांच सिखों की हत्या और एक गुरुद्वारा में आग लगाए जाने के मामले में दोषी करार दिया था. 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिख विरोधी दंगे हुए थे.

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भारत एक्सप्रेस



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