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सत्य निकेतन हादसा: आरोपियों 12 दिन की न्यायिक हिरासत मे, पूछताछ में बड़ा खुलासा

दिल्ली के सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे के आरोपी सुधांशु और शुभम त्यागी को कोर्ट ने 12 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा. जांच में खुलासा हुआ कि हादसे से पहले मजदूर ने नींव कमजोर होने की चेतावनी दी थी.

Satya Niketan Building Collapse Accused Sent To 12 Days Judicial Custody Bharat Express
Edited by Vaibhav Gupta

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा मामले में गिरफ्तार आरोपी सुधांशु और शुभम त्यागी को 2 दिन की पुलिस रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. जहां कोर्ट ने दोनों को 12 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने अभी तक की जांच रिपोर्ट अदालत में पेश किया है. रिपोर्ट को देखने के बाद कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

हादसे के पहले ही मजदूर ने किया था आगाह

बता दें कि इससे पहले सुधांशु ने पुलिस के समक्ष चौकाने वाला खुलासा किया था. उसने पुलिस को फोन करके बताया था कि हादसे के कुछ घंटा पहले ही एक मजदूर ने उसे फोन करके बताया था कि निर्माण कार्य से नींव कमजोर होगी और इससे दीवार गिर सकती है. बिल्डिंग अतिरिक्त भार नहीं झेल सकती है.

पूछताछ के दौरान सुधांशू ने पुलिस को बताया था कि उसने प्रॉपर्टी मालिक के बेटे महेश को भी रिनोवेशन के काम को आगे न बढ़ाने की चेतावनी दी थी. उसने दावा किया था कि बिल्डिंग में अधिक मंजिलों का वजन सहने के लिए बेस नहीं था. वही इस मामले में कथित आरोपी शुभम त्यागी ने पटियाला हाउस कोर्ट में सरेंडर कर दिया था. वह पीजी संचालक सुधांशु का दोस्त है.

बिल्डिंग के निर्माण की पूरी जांच

इसी मामले में गिरफ्तार मकान मालिक के बेटे महेश गुप्ता और ठेकेदार सनोज को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. दोनों को दो दिन की पुलिस रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था.

अदालत ने माना कि मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और नवजात शिशु की भूमिका, जानकारी और पीजी ऑपरेटर से जुड़े सिद्धांतों को आगे की जांच की जरूरत है. पुलिस अब निर्माण कार्य की पूरी टाइम लाइन को खंगाल रही है.

इसके अलावे आसपास के लोगो से भी पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह बिल्डिंग कैसे बनी और निर्माण के दौरान इसकी जांच हुई थी या नहीं, नियमों का पालन किया गया था या नहीं.

सत्य निकेतन में पांच मंजिला बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हो गई थी. जिनमें पांच छात्र और दो मजदूर शामिल थे. जबकि पांच घायल हो गए थे.

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-भारत एक्सप्रेस



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