Online Fraud Prevention 2026: डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में ठोस रिपोर्ट पेश की है. अब WhatsApp को सिम कार्ड से जोड़ने, बायोमेट्रिक पहचान अनिवार्य करने और ₹10 करोड़ से बड़े केस CBI को सौंपने की तैयारी है. जानें क्या है सरकार का 2026 तक का पूरा प्लान.
डिजिटल अरेस्ट के खिलाफ सरकार ने की तैयारी
डिजिटल अरेस्ट के जरिये ठगी करने वालो के खिलाफ लगाम लगाने की सरकार ने तैयारी कर ली है. अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी को इसको लेकर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की है. गृह मंत्रालय की ओर से दाखिल रिपोर्ट में कंपनियों, बैंकों और डिजिटल प्लैटफॉर्म्स की जवाबदेही तय करने के साथ -साथ ठगी को रोकने के लिए ठोस तकनीकी और कानूनी कदम सुझाए गए है.
बायोमेट्रिक आइडेंटिटी वेरिफिकेशन लागू करने कहा
मंत्रालय द्वारा जो सुझाव दिया गया है, उसमें सबसे बड़ा प्रस्ताव व्हाट्सएप जैसे ऐप्स को मोबाइल सिम से जोड़ना. इससे यह पता लगाना आसान हो जाएगा कि किस नंबर से कौन सा अकाउंट चल रहा है. इसके अलावे मोबाइल लेने के लिए कड़ी पहचान जांच जरूरी करने की बात कही गई है. रिपोर्ट में सबसे अहम प्रस्ताव बायोमेट्रिक आइडेंटिटी वेरिफिकेशन सिस्टम को लागू करने को कहा है.
दिसंबर 2026 तक पूरे देश में तकनीकी सिस्टम लागू
इसके तहत देशभर में एक व्यक्ति को जारी सभी सिम कार्ड को रियल टाइम में ट्रैक करना संभव होगा. दूरसंचार विभाग को तीन महीने में नियम अधिसूचित करने को कहा गया है. छह महीने में तकनीकी सिस्टम लागू करने की योजना है. सरकार का लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक पूरे देश में क्रॉस ऑपरेटर सिम मॉनिटरिंग लागू हो जाए. केंद्र सरकार ने 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी के मामलों को सीबीआई को सौंपने की बात कही है.
9400 अकाउंट को बंद
आरबीआई द्वारा मुआवजा ढांचा तैयार करने समेत अन्य तमाम कदम सुझाए है. रिपोर्ट में कहा गया है कि व्हाट्सएप ने 2026 में डिजिटल अरेस्ट घोटाले के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले 9400 अकाउंट को बंद कर दिया है. सिम बेचने वाले दुकानदारों पर ज्यादा जिम्मेदारी तय होगी. अटॉर्नी जनरल ने कहा है कि अदालत दूरसंचार विभाग को निर्देश दे दी वह टेलीकॉम कंपनियों के जरिए कुछ कदम जल्द से जल्द लागू कराए.
180 दिन तक सुरक्षित रखने की बात कही
सिम खरीदने वालों की पहचान के लिए टेलीकॉम यूजर की पहचान नियम और बायोमेट्रिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम को तेजी से लागू किया जाए. ताकि सिम जारी करने की राष्ट्रीय स्तर पर निगरानी हो सके. डिलीट अकाउंट का डेटा 180 दिन तक सुरक्षित रखने की बात कही गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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