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दिल्ली दंगा 2020: ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर सुनवाई से जस्टिस अमित शर्मा ने खुद को किया अलग, 10 जून को होगी अगली सुनवाई

वर्ष 2020 दिल्ली दंगा मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की जमानत याचिका पर सुनवाई से दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस अमित शर्मा ने खुद को अलग कर लिया है. अब मामले की अगली सुनवाई 10 जून को होगी.

Delhi high court

वर्ष 2020 दिल्ली दंगा मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुनवाई से जस्टिस अमित शर्मा ने खुद को अलग कर लिया है. यह मामला जस्टिस सौरभ बनर्जी की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष आया था. अब कोर्ट 10 जून को अगली सुनवाई करेगा. ताहिर हुसैन की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को दूसरी नियमित जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. जिसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है. ताहिर हुसैन 2020 के दिल्ली दंगों के पीछे बड़ी साज़िश के मामले में आरोपी है.

निचली अदालत के अथक प्रयासों का हवाला

इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने ताहिर हुसैन को जमानत देने से इनकार कर दिया था. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने ताहिर हुसैन की ओर से दायर पांचवी जमानत याचिका को भी खारिज कर दिया था. पूर्व पार्षद के वकील तारा नरूला के माध्यम से दाखिल याचिका में कहा गया था कि वह पांच साल से अधिक का समय जेल में है. मुकदमे में तेजी लाने के लिए निचली अदालत के अथक प्रयासों के बावजूद सुनवाई पूरा होने में समय लग सकता है.

‘गवाहों के बयानों में है विरोधाभास’

निचली अदालत ने 12 मार्च को बिना आधार के उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जबकि इस घटना में उसके संलिप्त होने का कोई सबूत नहीं है. इस मामले में उसके खिलाफ उकसाने का आरोप है. इस मामले के तीन गवाहों में से तीन ने उसके बारे में घटना स्थल पर मौजूद होने की बात नहीं कही है, जबकि दो ने दोषमुक्त कर दिया है. इस तरह से कहा जा सकता है कि गवाहों के बयानों में विरोधाभास है. बयानों को विश्वसनीय नहीं माना जा सकता है. आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया जाए.

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क्या है अंकित शर्मा हत्या का पूरा मामला?

पुलिस के अनुसार 26 फरवरी, 2020 को शिकायतकर्ता रविंदर कुमार ने दयालपुर थाने के अधिकारियों को सूचित किया कि उनका बेटा अंकित शर्मा 25 फरवरी, 2020 से लापता है. बाद में कुछ लोगों से पता चला कि एक व्यक्ति की हत्या करने के बाद उसे चांद बाग पुलिया स्थित मस्जिद से खजूरी खास नाले में फेंक दिया गया था. पुलिस ने कहा कि शर्मा का शव खजूरी खास नाले से बरामद किया गया था. उनके शरीर पर 51 चोटों के निशान थे. हुसैन इस मामले में आरोपियों में से एक है.



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