राजस्थान रेप मामले में आसाराम को मिली जमानत को रद्द करने की मांग वाली याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दिया है. यह याचिका शाहजहांपुर निवासी पीड़िता के परिवार की ओर से दायर की गई थी. कोर्ट ने कहा कि 12 साल से आसाराम जेल में बंद है. पीड़िता के पिता ने आरोप लगाया था कि जमानत मिलने के बाद आसाराम यात्रा पर है और उसे कोई स्वास्थ्य समस्या नहीं है.
कोर्ट ने आसाराम की ओर से दायर अपील का तीन महीने में निपटारा करने को कहा है. आसाराम को राजस्थान हाई कोर्ट से पहली बार 7 जनवरी 2025 को स्वास्थ्य आधार पर 31 मार्च 2025 तक अंतरिम जमानत मिली थी. बाद में इस अवधि को बढ़ा दिया गया और 29 अक्टूबर 2025 को उन्हें छह महीने की और अंतरिम जमानत प्रदान की गई. आसाराम बापू को गांधी नगर के सेंशन कोर्ट ने 2013 के बलात्कर के मामले में 2023 को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है.
गुजरात हाई कोर्ट ने बढ़ाई अवधि
सुप्रीम कोर्ट ने 31 मार्च तक मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत दी थी. जिसकी अवधि खत्म होने के बाद गुजरात हाई कोर्ट ने अंतरिम जमानत की अवधि को 30 जून तक बढ़ा दिया था. इस मामले में आसाराम को 31 अगस्त 2013 को गिरफ्तार किया गया था तब से वो इस मामले में जेल में है. आसाराम बापू ने हाई कोर्ट में छह महीने की अंतरिम जमानत की मांग करते हुए उनके वकील ने कहा था कि डॉक्टरों ने पंचकर्म थेरेपी की सलाह दी है, जो 90 दिन की होती है.
सुप्रीम कोर्ट पहले ही साफ कर चुका था कि वह सिर्फ मेडिकल शर्तो पर ही विचार करेगा. गुजरात हाईकोर्ट आसाराम की उस याचिका को 29 अगस्त को खारिज कर दिया था, जिसमें निचली अदालत द्वारा सुनवाई गई सजा को निलंबित करने की मांग की गई थी.
ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्टों द्वारा दिए जा रहे विवादास्पद और महिला-विरोधी टिप्पणी पर जताई चिंता
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

