Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

’30 करोड़ मांग रहे हैं…’, सुप्रीम कोर्ट में भारी-भरकम रकम सुनकर जज साहब ने ऐसा क्या कह दिया, कि गूंज उठी हंसी

सुप्रीम कोर्ट में एक वैवाहिक विवाद की सुनवाई के दौरान बड़ी रकम की मांग पर जस्टिस एससी शर्मा की हल्की-फुल्की टिप्पणी से कोर्टरूम का माहौल कुछ देर के लिए सहज हो गया.

Supreme Court News

सुप्रीम कोर्ट में एक मामले की सुनवाई के दौरान एक दिलचस्प वाक्या देखने को मिला है. जस्टिस एससी शर्मा वैवाहिक मामले की सुनवाई कर रहे थे, उस दौरान पत्नी द्वारा मांगी गई भारी भरकम राशि मांगी गई. इसपर जस्टिस शर्मा ने वकील से पूछा कि क्या आप 45 लाख और बच्चे के लिए ट्रस्ट में 30 लाख रुपए चाहते है?

इसपर वकील ने जवाब देते हुए कहा कि 30 लाख नही 30 करोड़ रुपए मांग रहे है. जवाब सुनकर जस्टिस शर्मा ने मुस्कराते हुए कहा कि हमारी सैलरी तो लाखों में ही आती है. इसलिए पांच अंक से आगे दिमाग काम करना बंद कर देता है. उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी वह मिलियन और बिलियन के बीच भी भ्रमित हो जाते हैं.

जज की इस टिप्पणी के बाद कोर्ट रूम में मौजूद लोगों हंस पड़े. कोर्ट ने मामले में दोनों पक्षो की जिरह के बाद फैसला को सुरक्षित रख लिया है. यह एक सामान्य वैवाहिक मामला था जिसमें पत्नी का पक्ष आर्थिक सुरक्षा और बच्चे के भविष्य के लिए ये बड़ी रकम मांग रहा था. इसी बीच जस्टिस शर्मा के कोर्ट में एक वाक्या देखने को मिला.

जस्टिस शर्मा अपनी कुर्सी से उठने वाले थे तभी कोर्ट मास्टर ने जस्टिस शर्मा को बताया कि अभी सुनवाई के लिए कुछ और मामले सूचीबद्ध है. यह सुनकर जस्टिस शर्मा ने अपनी बात सुधारते हुए कहा कि अच्छा, अभी मामले बाकी है. माफ करना. इसके बाद कोर्ट की कार्यवाही आगे जारी रही. पूरे घटनाक्रम में जहां एक ओर वैवाहिक विवाद में बड़ी आर्थिक मांग को लेकर गंभीर कानूनी दलीलें रखी गई.

जस्टिस शर्मा की हल्की-फुल्की टिप्पणी से सहज हुआ माहौल

वही जस्टिस शर्मा की हल्की-फुल्की टिप्पणियों से कुछ समय के लिए कोर्टरूम का माहौल सहज हो गया. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने वैवाहिक विवाद के मामले में पति-पत्नी की आर्थिक और सामाजिक स्थिति, पत्नी और बच्चों की वास्तविक व उचित जरूरतों, पति की वास्तविक आय, संपत्ति और भुगतान की क्षमता, पत्नी की इनकम और संपत्ति, शादी के दौरान जीवन स्तर, बच्चों की शिक्षा, इलाज और अन्य खर्च.

पति की अन्य कानूनी जिम्मेदारियां और देनदारियां सहित से संबंधित जानकारी हासिल करने और उसके विश्लेषण के बाद ही कोई फैसला सुनाता है.

ये भी पढ़ें-तालियां रोक नहीं पाए दर्शक, IIT Bombay में जब रोबोट्स ने स्टेज पर किया गजब का डांस

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital