उत्तर प्रदेश के 45 हजार प्रांतीय रक्षक दल को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब होमगार्ड के बराबर पीआरडी कर्मियों को भी वेतन मिलेगा. जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस सतीश चंद्रा ने यूपी के 45 हजार पीआरडी जवानों को समान वेतन देने का आदेश दिया है. कोर्ट ने होमगार्ड्स को पुलिस कांस्टेबल के न्यूनतम वेतन के बराबर ड्यूटी भत्ता मिलना चाहिए, जिसमें बेसिक पे, ग्रेड पे, महंगाई भत्ता और वाशिंग अलाउंस शामिल हो.
कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली सरकार को झटका
बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीआरडी के जवानों को होमगार्ड सेवा के जवानों के बराबर मानदेय का भुगतान करने का निर्देश दिया था. जिसको उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी. इसके अलावा कुछ पीआरडी जवानों ने भी हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ याचिका दायर की थी. दायर याचिका में कहा गया था कि हाई कोर्ट का यह फैसला सही नही है क्योंकि हाई कोर्ट ने सिर्फ उन्हीं को समान वेतन देने का आदेश दिया था, जिन्होंने इसकी मांग को लेकर याचिका दायर की गई है. जबकि याचिकाकर्ता का कहना है कि हाई कोर्ट का यह फैसला ठीक नही है, सभी पीआरडी को समान वेतन मिलना चाहिए.
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोर्ट ने पीआरडी जवानों को न्यूनतम वेतन से भी कम का भुगतान किए जाने को संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन और राज्य सरकार का मनमाना व अवैधानिक कृत्य करार दिया है. याचिका में कहा गया था कि प्रांतीय रक्षक दल में चयनित अभ्यर्थी है. उन्होंने बकायदा प्रशिक्षण प्राप्त किया है तथा उनको सर्टिफिकेट भी जारी किया गया है. मगर उनको उन्हीं के समान चयनित और लगभग वही काम करने वाले होमगार्ड जवानों के बराबर मानदेय नहीं दिया जा रहा है. याचिका में यह भी कहा गया था कि होमगार्ड की नियुक्ति भी उसी प्रकार से होती है, जैसे कि पीआरडी जवानों की होती है.
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भारत एक्सप्रेस
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