Legal News: सुप्रीम कोर्ट ने चार साल के बेटे के साथ गायब हुई रूसी पत्नी के मामले में विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय को गायब हुई रूसी महिला के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने दिल्ली पुलिस कमिश्नर और डिफेंस कॉलोनी थाने के एसएचओ को आदेश दिया है कि वह बच्चे को जल्द से जल्द ढूंढे और उसकी कस्टडी बच्चे के पिता को सौंपे. सुप्रीम कोर्ट 18 जुलाई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया है कि रूसी महिला का पासपोर्ट जब्त किया जाए और देश के सभी एयरपोर्ट्स पर उसकी आवाजाही पर नजर रखी जाए. मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने रूसी महिला की ओर से पेश वकील के व्यवहार पर भी सवाल उठाए और उसे संदिग्ध बताया.
महिला के वकील पर कोर्ट की नाराज़गी
याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट को बताया कि कुछ दिन पहले भारी समान के साथ रूस दूतावास के पिछले दरवाजे से एक रूसी अधिकारी के साथ दाखिल होते हुए देखी गई थी. उसके बाद से बच्चे को लेकर लापता हैं. यह याचिका बंगाल के हुगली जिले के चंदननगर के रहने वाले सैकत बसु ने दायर की है. बसु चीन में काम के दौरान रूसी लड़कीं विक्टोरिया जिगालिना से मुलाकात हुई थी. बाद में उन्होंने शादी कर ली.
शादी के बाद विक्टोरिया के कहने पर सैकत 2019 में चीन से भारत लौट आया. वर्ष 2020 उन्हें एक पुत्र हुआ. चीन से भारत लौटने पर सैकत ने एक निजी कंपनी के लिए केंद्र सरकार के लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय की विश्व बैंक परियोजना में सलाहकार के रूप में काम करना शुरू किया.
बाद में पता चला कि विक्टोरिया के पिता रूस की खुफिया एजेंसी एफएसबी के पूर्व अधिकारी हैं, जिससे शक गहराया कि विक्टोरिया भी जासूसी नेटवर्क से जुड़ी हो सकती है न सैकत का आरोप है कि पत्नी फोर्ट विलियम जैसे सैन्य क्षेत्रों में जाने का दबाव डालती थी.
विरोध के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में बेटे की कस्टडी की याचिका दायर की, लेकिन मामला लंबित रहते ही वह बेटे को लेकर लापता हो गयी. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि बच्चे को 20 घंटे पिता के पास और चार घंटे मां के पास रखा जाए. लेकिन बाद में कोर्ट ने इस आदेश में संशोधन कर दिया.
-भारत एक्सप्रेस
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