SC Order On RCom Fraud Case: सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम), उसके ग्रुप की कंपनियों और उनके प्रवर्तक अनिल अंबानी से जुड़े कथित बड़े बैंकिंग और कॉरपोरेट धोखाधड़ी की जांच के लिए ईडी को एसआईटी गठन करने का आदेश दिया है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने यह आदेश दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान आरकॉम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को भरोसा दिया कि वह देश छोड़कर नही जाएंगे.
सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि मैं कठोर आदेश पारित नहीं करना चाहता, हम इस मामले में ईडी और सीबीआई की स्टेट्स रिपोर्ट देखना चाहते हैं. यह मामला 40000 करोड़ की हेराफेरी का है.
तुषार मेहता की कोर्ट से अपील
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि इस पर संज्ञान लें और जांच एजेंसियों को सूचित करें. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हम निर्देश देते हैं कि किसी भी प्रकार के प्रावधान के बावजूद, सीबीआई को संभावित नेक्सस, मिलीभगत और साजिश की जांच की जरूरत है. इसके लिए कानून के तहत सभी आवश्यक कदम उठाकर जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाए. दोनों एजेंसियों ने अब तक कार्रवाई में समय लिया है.
‘अपने कर्तव्यों का पालन करें’
सीजेआई ने कहा कि हम सीबीआई और ईडी से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने कर्तव्यों का पालन करें. उन्हें पता है कि अपना काम कैसे करना है. कोर्ट ने देरी पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह दलील दी गई कि ईडी की ओर से कार्रवाई में अस्पष्ट देरी हुई है. सीबीआई ने सीलबंद लिफाफे में रिपोर्ट दाखिल की है. ऐसा प्रतीत होता है कि एसबीआई की शिकायत पर औपचारिक एफआईआर दर्ज की गई है और अन्य बैंकों की शिकायतों की जांच की जा रही है.
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ईडी ने दायर हलफनामा में यह भी कहा है कि उसने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस, रिलायंस होम फाइनेंस, रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस पावर से संबंधित पीएमएलए के तहत तीन इ ईसीआईआर दर्ज किए हैं. इसके अलावा रिलायंस अनिल अंबानी समूह की संस्थाओं के खिलाफ तीन अलग-अलग फीमा जांच भी चल रही हैं.
ED ने क्या-क्या कार्रवाई की
हलफनामे के मुताबिक ईडी ने अब तक 46 परिसरों की तलाशी ले चुकी है. 300 से अधिक समन जारी किए गए है, 200 से अधिक बयान दर्ज किए हैं.13 अस्थायी कुर्की आदेश जारी किए हैं. पीएमएलए के तहत जब्त की गई संपत्तियों का कुल.मूल्य 12012 करोड़ रुपए बताया गया है. फेमा कि कार्यवाही के तहत 77.86 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है. यह याचिका पूर्व केंद्रीय सचिव ईएएस सरमा ने दायर की हैं.
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