Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

गो-वध पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग: सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर, 2005 के फैसले को सख्ती से लागू करने की अपील

देशभर में गो-वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और सुप्रीम कोर्ट के 2005 के फैसले को सख्ती से लागू करने की मांग को लेकर सर्वोच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है.

supreme-court-pil-demands-strict-implementation-ban-on-cow-slaughter-across-india

देशभर में गायों के वध पर पूर्ण प्रतिबंध से संबंधित कानून को सख्ती से लागू करने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. यह याचिका अखिल भारत हिंदू महासभा के पूर्व उपाध्यक्ष सतीश कुमार अग्रवाल द्वारा वकील वरुण सिन्हा के माध्यम से दायर की गई है. संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दाखिल जनहित याचिका में केंद्र सरकार, दिल्ली समेत सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पक्षकार बनाया गया है.

2005 के फैसले को लागू करने की मांग

दायर याचिका में अनुरोध किया गया है कि 2005 में सुप्रीम कोर्ट की सात-न्यायाधीशों की संविधान पीठ द्वारा दिए गए State of Gujarat vs Mirzapur Moti Kureshi Kassab Jamat फैसले को पूरे देश में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए निर्देश जारी किए जाएं. उस फैसले में अदालत ने गायों और उनके वंश के वध पर पूर्ण प्रतिबंध को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया था.

याचिका में यह भी कहा गया है कि कई राज्यों में गो-वध निषेध कानून होने और सुप्रीम कोर्ट के स्पष्ट फैसले के बावजूद अवैध रूप से गायों का वध जारी है. खासकर ईद और बकरीद के अवसर पर खुलेआम गायों और उनके वंश की बलि दिए जाने का आरोप लगाया गया है.

अवैध बूचड़खानों और गो-तस्करी पर रोक की अपील

साथ ही बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा, पंजाब और पूर्वोत्तर राज्यों में बिना लाइसेंस वाले बूचड़खानों के संचालन का भी मुद्दा उठाया गया है. याचिकाकर्ता का कहना है कि राज्यों की निष्क्रियता के कारण न सिर्फ कानून का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि इससे सांप्रदायिक तनाव भी पैदा हो रहा है.

ये भी पढ़ें: विनेश फोगाट की रिंग में वापसी: दिल्ली हाईकोर्ट ने WFI को फटकारा, एशियन गेम्स ट्रायल्स में खेलने की दी हरी झंडी

याचिका में बंगाल-बांग्लादेश सीमा पर कथित गो-तस्करी का भी जिक्र किया गया है और केंद्र व राज्य सरकारों को गो-संरक्षण कानूनों को “सही भावना और अक्षरशः” लागू करने का निर्देश देने की मांग की गई है. याचिका में अदालत से मांग की गई है कि सभी राज्यों को अपने-अपने गो-वध निषेध कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, अवैध बूचड़खानों पर कार्रवाई और गो-तस्करी रोकने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए जाएं.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital