सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले वजाहत खान की गिरफ्तारी पर लगी अंतरिम रोक को चार सप्ताह का समय दे दिया है. चार सप्ताह के बाद सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि नागरिकों को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मूल्यों को समझना चाहिए. कोर्ट ने कहा कि नागरिक खुद को नियंत्रित क्यों नही कर सकते? कोर्ट ने कहा कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से पहले नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश जरूरी है.
कोर्ट ने यह टिप्पणी वजाहत खान के विभिन्न राज्यों में दर्ज एफआईआर के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान की है. वजाहत खान ने कामख्या देवी और हिंदू पूजा पर आपत्तिजनक ट्वीट्स किए थे, जिन पर देशभर में एफआईआर दर्ज की गई है. मामले की सुनवाई के दौरानअसम सरकार की ओर से पेश वकील उनके ट्वीट्स का जिक्र किया, जिनमें हिंदुओं को बीमार कहा गया.
सोशल मीडिया गाइडलाइंस की जरूरत पर जोर
कोर्ट ने कहा कि कोई नियंत्रण नही रह गया है. हमें नागरिकों की बात करनी है, यदि वे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का आनंद लेना चाहते हैं, तो उन्हें संयम भी रखना होगा. एक बटन दबाते हैं और सब कुछ इंटरनेट पर डाल देते हैं, यह स्वतंत्रता का दुरूपयोग है. जस्टिस बीवी नागरत्ना ने अहम टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि स्वतंत्रता की रक्षा जरूरी है, लेकिन इसका दुरुपयोग नहीं होना चाहिए. अगर इस तरह के मामलों से अदालतें भरी रहेगी, तो न्याय प्रणाली कैसे काम करेगी? कोर्ट ने कहा कि अमेरिका में भी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के.साथ कंटेंट पर ध्यान दिया जाता है. हमें भी सोचने की जरूरत है.
यह भी कोर्ट ने कहा कि नागरिकों के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट करने को लेकर दिशा-निर्देशों पर विचार करें. नागरिक स्तर पर जिम्मेदारी तय करें, सिर्फ नियम बनाना काफी नही है. वजाहत खान की शिकायत के बाद शर्मिष्ठा पनोली को पश्चिम बंगाल के अलावा अन्य राज्यों में दर्ज एफआईआर के बाद गिरफ्तार किया गया था. दर्ज एफआईआर में कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुचाने के लिए सोशल मीडिया पोस्ट शामिल हैं.
वजाहत खान ने कहा– पोस्ट डिलीट किया, माफी मांगी
मामले की सुनवाई के दौरान वजाहत खान के वकील ने कोर्ट को बताया था कि मैंने माफी भी मांगी है और पोस्ट भी डिलीट कर दिया. मेरे खिलाफ सिर कलम करने की धमकियां दी जा रही हैं. पश्चिम बंगाल पुलिस ने 10 जून को वजाहत खान को गिरफ्तार किया था. तब से वह फिलहाल पश्चिम बंगाल पुलिस की कस्टडी में है. खान पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुचाने के मामले में पश्चिम बंगाल सहित 6 राज्यों में एफआईआर दर्ज किया गया है.
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि तमिल की. एक कहावत का जिक्र करते हुए कहा कि आग से जला हुआ घाव सही हो सकता है, लेकिन शब्दों से किया घाव नहीं भरता. असम पुलिस ने वजाहत खान पर दर्ज एफआईआर में धार्मिक भावनाएं भड़काने और घृणा फैलाने वाली सामग्री पोस्ट करने के आरोप लगाया है. खान ने शर्मिष्ठा पनोली के खिलाफ यह कहकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई.
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-भारत एक्सप्रेस
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