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लॉरेंस बिश्नोई का ‘मामा’ दीपक खत्री फंसा: लॉ की डिग्री फर्जी निकली, दिल्ली पुलिस दर्ज करेगी FIR

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के कथित मामा और वकील दीपक खत्री की लॉ डिग्री फर्जी पाई गई है. दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच इस मामले में जल्द नया केस दर्ज करेगी. वह 1 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में हैं.

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गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के कथित मामा और पेशे से वकील होने का दावा करने वाले दीपक खत्री की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की जांच में खुलासा हुआ है कि जिस कानून (Law) की डिग्री के दम पर दीपक खत्री खुद को वकील बताता था और उसके आड़ में अवैध वसूली व अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देता था, वह डिग्री/सर्टिफिकेट पूरी तरह फर्जी निकला है. इस खुलासे के बाद दिल्ली पुलिस जल्द ही इस संबंध में एक अलग से एफआईआर दर्ज करने की तैयारी कर रही है.

न्यायिक हिरासत और पुलिस रिमांड से जुड़े अपडेट्स

दीपक खत्री फिलहाल 1 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में हैं. इससे पहले पुलिस रिमांड के दौरान उनकी निशानदेही पर उनके सहयोगी ऋषभ कपूर को गिरफ्तार किया गया था, जिसके पास से एक ऑटोमैटिक पिस्टल और 5 कारतूस बरामद हुए थे.

अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान रिमांड की अवधि बढ़ाते हुए निर्देश दिया था कि दीपक खत्री रोजाना एक घंटे तक अपने वकील से मिल सकते हैं. साथ ही, कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया था कि पुलिस पूछताछ कैमरे की मौजूदगी में की जाए और उन्हें जरूरी चिकित्सीय (Medical) सुविधाएं मुहैया कराई जाएं.

कैसे हुई थी गिरफ्तारी और क्या है पूरा मामला?

दिल्ली पुलिस के मुताबिक, दीपक खत्री के खिलाफ पहले से ही लुकआउट सर्कुलर (LOC) जारी किया गया था. इसी के आधार पर जब वह विदेश भागने की फिराक में था, तो उसे इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) पर ही धर दबोचा गया. पुलिस का आरोप है कि दीपक खत्री गैंगस्टर्स के अवैध नेटवर्क को संचालित करने और उनके बीच संदेशों का आदान-प्रदान (Communication) करने में सक्रिय रूप से शामिल था.

गैंगस्टर्स से रिश्ते और इंटरनेशनल आर्म्स सिंडिकेट

जांच में यह भी सामने आया है कि दीपक खत्री के लॉरेंस बिश्नोई के परिवार के साथ बेहद करीबी रिश्ते बन गए थे. इतना ही नहीं, लॉरेंस की मां से राखी बंधवाने के बाद गैंग के लोग उसे ‘मामा’ कहकर पुकारते थे. दिल्ली आने पर न सिर्फ लॉरेंस बल्कि पंजाब के गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया का परिवार भी उससे मुलाकात करता था.

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यह पूरा मामला अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी (International Arms Smuggling) और एक बड़े आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा हुआ है, जिसका कथित सरगना शाहबाज अंसारी को बताया गया है. इस मामले में अब तक कुल 18 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और 32 विदेशी हथियार व भारी मात्रा में गोला-बारूद (दो मशीन गन और 363 कारतूस सहित) बरामद किए जा चुके हैं. क्राइम ब्रांच अब लॉरेंस गैंग के इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को खंगालने में जुटी है.

खत्री ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह पहली बार 2021 में लॉरेंस बिश्नोई से तब मिला था, जब उसे पुलिस हिरासत में दिल्ली लाया गया था. एक दोस्त के जरिए उसकी मुलाकात बिश्नोई से हुई थी, जिसके बाद उसने गैंग को कानूनी मदद और अन्य सुविधाएं मुहैया करानी शुरू कर दीं. पुलिस के मुताबिक, खत्री के संबंध केवल लॉरेंस तक सीमित नहीं थे, बल्कि वह काला जठेड़ी, काला राणा और जग्गू भगवानपुरिया जैसे कुख्यात गैंगस्टर्स के भी संपर्क में था.



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