Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

जाजमऊ आगजनी और गैंगस्टर एक्ट मामला; सुप्रीम कोर्ट में इरफान सोलंकी की याचिका पर सुनवाई पूरी

सुप्रीम कोर्ट ने कानपुर की सीसामऊ सीट से सपा के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. उन्होंने जाजमऊ आगजनी मामले में दोषसिद्धि को चुनौती दी है.

supreme-court-reserves-judgment-irfan-solanki-plea-jajmau-arson-case

सुप्रीम कोर्ट ने कानपुर की सीसामऊ विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी द्वारा दायर याचिका पर सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है. इरफान सोलंकी ने वर्ष 2022 के जाजमऊ आगजनी मामले में अपनी दोषसिद्धि (Conviction) पर रोक लगाने से इनकार करने वाले इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

सुनवाई के दौरान जस्टिस बागची की अहम टिप्पणी

पिछली सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची ने एक महत्वपूर्ण कानूनी सवाल उठाते हुए टिप्पणी की थी कि यदि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 111 के कारण राज्य के संगठित अपराध संबंधी विशेष कानून अप्रभावी या निरस्त हो जाते हैं, तो महाराष्ट्र में ‘मकोका’ (MCOCA) जैसे अन्य राज्यों के विशेष कानूनों का क्या होगा? कोर्ट ने यह भी पूछा था कि क्या संगठित अपराध पर बना कोई सामान्य केंद्रीय कानून किसी राज्य के विशेष कानून को निष्प्रभावी कर सकता है.

ये भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी मुल्ला अफरोज की NSA हिरासत रद्द की, यूपी सरकार पर 10 लाख का जुर्माना

अपनी इस याचिका में सोलंकी ने गैंगस्टर एक्ट के मामले में ट्रायल कोर्ट में चल रही कार्यवाही (ट्रायल) पर रोक लगाने की भी मांग की है. हालांकि, गैंगस्टर एक्ट के इसी मामले में इरफान सोलंकी को सितंबर 2025 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी है, जिसके बाद वह करीब 33 महीने जेल में बिताने के बाद 30 सितंबर को महाराजगंज जेल से बाहर आए थे. याचिका में उन्होंने कानपुर ट्रायल कोर्ट के 30 अगस्त 2025 के आदेश को चुनौती दी है, जिसमें उत्तर प्रदेश सरकार और तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे को प्रतिवादी बनाया गया है.

आगजनी का मामला

कानपुर के जाजमऊ थाने में 26 दिसंबर 2022 को इंस्पेक्टर अशोक कुमार दुबे द्वारा गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें इरफान सोलंकी को गैंग का मुख्य सरगना बताया गया था. इस मामले में उनके भाई रिजवान सोलंकी और सह-आयुक्त इजरायल आटेवाला सहित अन्य लोगों के नाम भी शामिल थे.

7 साल की सजा और विधायकी जाना

जाजमऊ की डिफेंस कॉलोनी में नजीर फातिमा नाम की एक महिला का घर जलाए जाने के मामले में कानपुर की स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट ने 7 जून 2024 को इरफान सोलंकी सहित पांच लोगों को दोषी करार देते हुए 7 साल की कैद की सजा सुनाई थी. इस सजा के चलते उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई थी. (इस सीट पर उपचुनाव में समाजवादी पार्टी ने इरफान सोलंकी की पत्नी नसीम सोलंकी को अपना उम्मीदवार बनाया था.)



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital