सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि राज्य बार काउंसिल का चुनाव निष्पक्ष हो इसकी निगरानी के लिए हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की नियुक्ति पर विचार करने के संकेत दिए हैं. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह संकेत दिया है. अदालत ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ-साथ राज्य बार काउंसिलों में विश्वास की कमी है और इसलिए प्रक्रिया की देखरेख के लिए प्रत्येक राज्य में सेवानिवृत्त हाई कोर्ट के जजों की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र चुनाव पैनल नियुक्त किया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट ने भरोसे की कमी पर जताई चिंता
कोर्ट ने कहा कि बार काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ-साथ राज्य बार काउंसिल में विश्वास की कमी है. मामले की सुनवाई के दौरान बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मनन कुमार मिश्रा ने कहा कि यदि बार निकायों के चुनाव कराने के लिए सेवानिवृत्त जजों की नियुक्ति की जाती है, तो निकाय को कोई आपत्ति नहीं हैं. जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि राज्य बार काउंसिल या बार एसोसिएशन के चुनाव दुनिया का सबसे मुश्किल चुनाव होते हैं. इसके बाद पीठ ने मनन मिश्रा से कहा कि वे अलग-अलग राज्यो के चुनावों की घोषणा जल्द से जल्द करें. मनन मिश्रा ने कहा कि पंजाब और हरियाणा बार काउंसिल के चुनावों की घोषणा सोमवार को की जाएगी और सात राज्यों की तारीखें इस हफ्ते घोषित कर दी जाएंगी.
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील माधवी दीवान ने कहा कि अदालत के आदेशों का उल्लंघन किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि नौ अक्टूबर को दिल्ली बार काउंसिल ने चुनाव की तारीखों की अधिसूचना जारी की थी, लेकिन 10 अक्टूबर को बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा निकाय को भंग करने का नोटिस जारी कर दिया गया है.
भारत एक्सप्रेस
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