पश्चिम बंगाल में पहले चरण के मतदान से पहले सुप्रीम कोर्ट में ट्रिब्यूनल्स के कामकाज को लेकर चिंता जताई गई. वरिष्ठ वकील ने आरोप लगाया कि ट्रिब्यूनल्स सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रहे. कोर्ट ने चुनाव प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी करने और तय समयसीमा में फैसले देने के निर्देश दिए हैं.
23 अप्रैल को फेज का वोटिंग
पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को पहले फेज का वोटिंग होना है. लेकिन उससे पहले एक बार फिर इसको लेकर सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष मेंशनिंग कर अपीलीय ट्रिब्यूनल्स के काम काज पर सवाल उठाए गए हैं. वरिष्ठ वकील देवदत्त कामत ने मेंशनिंग कर कोर्ट को बताया कि राज्य में अपीलीय ट्रिब्यूनल्स सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं.
सुप्रीम कोर्ट आदेशों का पालन नहीं हो रहा
उन्होंने कहा कि ट्रिब्यूनल्स केवल इंटरनेट और कंप्यूटर आधारित आवेदन ही स्वीकार कर रहे हैं, जबकि लोगों को सीधे पेश होकर अपनी बात रखने का मौका नहीं दिया जा रहा. कामत में कोर्ट ने यह भी बताया कि इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के पहले दिए गए आदेशों का पालन नहीं हो रहा है. इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त रुख अख्तियार करते हुए कहा कि वह आज ही हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से इस मामले में जवाब तलब करेंगे.
27 अप्रैल तक फैसला कर दिया जाएगा
इससे पहले सीजेआई ने अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल करते हुए कहा था कि पश्चिम बंगाल में 23 अप्रैल को होने वाले पहले चरण के मतदान के लिए, जिन व्यक्तियों की अपील पर 19 स्पेशल अपीलेट ट्रिब्यूनल 21 अप्रैल तक फैसला दे देंगे. वही अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. इसी तरह जिनकी अपील पर अपीलेट ट्रिब्यूनल द्वारा 27 अप्रैल तक फैसला कर दिया जाएगा. वे 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के मतदान के दिन अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे.
नाम न होने पर मताधिकार का प्रयोग करेंगे
सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को ऐसे लोगों के लिए सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट जारी करने का निर्देश दिया था. अपीलेट ट्रिब्यूनल 23 अप्रैल तक जिन लोगों के अपील पर फैसला कर ले, उनके नाम की एक सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी करें. इस लिस्ट में जिन लोगों का नाम होगा वही अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इसी तरह 27 अप्रैल तक फैसला होने वालों के नाम भी सप्लीमेंट्री लिस्ट जारी किया जाए.
इस लिस्ट में जिन लोगों के नाम को शामिल किया जाएगा, वही 29 अप्रैल को होने वाले दूसरे चरण के होने वाले मतदान के दौरान अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. कोर्ट ने चेतावनी दी थी कि अपीलीय चरण के जरिए पूरी प्रक्रिया को दोबारा खोलने की कोशिश न की जाए.
-भारत एक्सप्रेस
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