भारतीय स्टैंडअप कॉमेडियन और यूट्यूबर समय रैना सहित अन्य को सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई में पेश होने का आदेश दिया है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिव्यांग लोगों के संबंध में समय रैना की टिप्पणी पर सख्त रुख अख्तियार करते हुए यह आदेश दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना, विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर और निशांत जगदीश तंवर को नोटिस जारी कर पेश होने का आदेश दिया है.
कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि अगर कोर्ट ने आदेश के बावजूद समय रैना सहित अन्य अदालत में पेश नही होते है तो मुंबई पुलिस आयुक्त उन्हें बलपूर्वक पेश करें. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांगता और बीमारी पर चुटकुले बनाने पर समय रैना को पक्षकार बनाने को कहा था. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने क्लिप को रिकॉर्ड पर लिया था, जिसमें एक अंधे व्यक्ति के साथ ही दो महीने के शिशु का मजाक उड़ाया गया था, जिसे जीवित रहने के लिए 16 करोड़ इंजेक्शन की जरूरत थी.
आयात शुल्क की कटौती कर दिया इंजेक्शन
कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बच्चे को 6 करोड़ रुपये के आयात शुल्क की कटौती कर यह इंजेक्शन दिया गया था. इस इंजेक्शन को क्राउडफंडिंग के माध्यम से उपलब्ध कराया गया था. सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि हम आरोपों से वास्तव में परेशान हैं.
पिछली सुनवाई में क्योर एसएमए फाउंडेशन ऑफ इंडिया की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अपराजिता सिंह ने कहा था कि यह एक गंभीर मुद्दा है. कोर्ट ने कहा था कि हम चाहते हैं कि आप घटनाओं को रिकॉर्ड पर भी रखें. यदि आपके पास ट्रांसक्रिप्ट के साथ विडियो क्लिपिंग हैं तो उन्हें लाएं, संबंधित व्यक्तियों को पक्षकार बनाए, साथ ही उपाय सुझाए, फिर हम देखेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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