Land for Jobs घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने आरोप तय करने को लेकर होने वाली सुनवाई को 19 दिसंबर तक के लिए टाल दिया है.
सत्यापन रिपोर्ट के लिए CBI को मिला समय
मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि इस मामले के एक और आरोपी की मौत हो गई है, जिसके बाद कोर्ट ने मृतक आरोपी और अन्य आरोपियों की मृत्यु सत्यापन रिपोर्ट दाखिल करने के लिए सीबीआई को समय दे दिया है.
स्पेशल न्यायाधीश विशाल गोगने ने यह आदेश दिया है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने पूछा था कि इस केस में कितने की मौत हुई है? ऐसे में सीबीआई आरोपियों की वर्तमान स्थिति के बारे में कोर्ट को जानकारी मुहैया कराए. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, मीसा भारती, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव और हेमा यादव सहित कई अन्य के खिलाफ आरोप तय होना है.
खरीद में ज्यादातर लेन-देन कैश में
मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा था कि इसमें बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार हुआ है, कुछ सेलडीड को छोड़कर, जमीन खरीद के लिए ज्यादातर पैसों का लेनदेन कैश में हुआ. सीबीआई ने मामले में आईपीसी की धारा 120 बी, धारा 420, 468,467, 471 और प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट 1988 की धारा 11, 12, 13, 8,9 के तहत चार्जशीट दाखिल किया था.
वहीं, पिछली सुनवाई में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की ओर से पेश वकील ने दलील देते हुए कहा था कि उन्होंने जमीन खरीदा था, जिसके बदले पैसे दिए थे. उनके वकील ने यह भी कहा था कि पैसे लेकर जमीन खरीदना कोई अपराध नही है. उन्होंने कहा था कि किसी भी आरोपी को कोई फायदा नही पहुचाया गया. इन लेन देन का आपस में कोई संबंध नहीं है.
CBI को भ्रष्टाचार को करना होगा साबित
राबड़ी देवी के वकील ने कोर्ट से यह भी कहा था कि सीबीआई को लगे आरोपों की जांच करना होगा, और यह साबित करना होगा कि इसमें भ्रष्टाचार हुआ है. बता दें कि सीबीआई का आरोप है कि 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव के रेलमंत्री रहने के दौरान सेंट्रल रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर नियुक्तियों के बदले में लालू और उनके परिवार को सस्ते दामों में जमीन ली थी.एजेंसी ने इस मामले में 102 लोगों को आरोपी बनाया है.
-भारत एक्सप्रेस
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