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टेरर फंडिंग केस: राशिद इंजीनियर की जमानत शर्तों पर दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, एनआईए से मांगा जवाब

टेरर फंडिंग मामले में जेल में बंद सांसद राशिद इंजीनियर ने अपने बीमार पिता के एम्स दिल्ली में भर्ती होने के कारण जमानत की शर्तों में संशोधन की मांग की है. दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले में एनआईए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

Terror Funding Case Delhi High Court issues notice to NIA on Rashid Engineer's plea
Edited by Vaibhav Gupta

दिल्ली हाई कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर टेरर फंडिंग मामले में आरोपी और बारामूला से सांसद राशिद इंजीनियर ने जमानत की शर्तों में संशोधन की मांग वाली अर्जी पर एनआईए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.

पिता से मिलने के लिए अंतरिम जमानत

कोर्ट 5 मई को दायर अर्जी पर सुनवाई करेगा. राशिद इंजीनियर ने दायर याचिका में संशोधन की मांग की है. ताकि उन्हें दिल्ली आकर अपने पिता से मिलने की अनुमति मिल सकें. जिन्हें श्रीनगर से दिल्ली के एम्स में स्थानांतरित कर दिया गया है.

दायर अर्जी में कहा गया है कि उन्हें श्रीनगर के एक अस्पताल में भर्ती अपने बीमार पिता से मिलने के लिए अंतरिम जमानत दी गई थी. अब परिवार ने उनके पिता को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली के एम्स में स्थानांतरित कर दिया गया है.

गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश

पिछले दिनों दिल्ली हाई कोर्ट ने राशिद इंजीनियर को कुछ शर्तों के साथ एक सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दे दिया था. राशिद इंजीनियर को कोर्ट ने बीमार पिता को देखने के लिए ये अंतरिम जमानत दी थी. कोर्ट ने कहा था अंतरिम जमानत के दौरान सबूतों के साथ छोड़छाड़ नहीं करेंगे और ना ही किसी गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश करेगा.

कोर्ट ने कहा था राशिद जहां पिता रह रहे हो, चाहे वह अस्पताल हो या घर, वहां रहने की अनुमति दे दिया है. कोर्ट ने यह भी कहा था कि कम से कम दो सादे कपड़ों में पुलिस अधिकारी मौजूद रहेंगे.

पटियाला हाउस कोर्ट ने राशिद इंजीनियर को अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया था, जिसके खिलाफ उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. राशिद इंजीनियर ने अपने बीमार पिता को देखने के लिए अंतरिम जमानत की मांग की थी.

मानवीय आधार पर दी जाए तत्काल जमानत

मामले की सुनवाई के दौरान राशिद इंजीनियर की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि उनके पिता अस्पताल में भर्ती है और वेंटिलेटर पर है, ऐसे में मानवीय आधार पर उन्हें तत्काल जमानत दी जाए. उन्होंने यह भी कहा था कि राशिद इंजीनियर की गिरफ्तारी राजनीति से प्रेरित है और चुनाव के दौरान आमतौर पर अंतरिम जमानत दी जाती है.

वहीं एनआईए ने अंतरिम जमानत का विरोध किया था.  एजेंसी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए कहा था कि जमानत के बजाए कस्टडी पैरोल दी जा सकती है. जिससे  राशिद इंजीनियर अपने पिता और परिवार के सदस्यों से मिल सकेंगे. इससे पहले कोर्ट ने इंजीनियर राशिद को हिरासत में संसद सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी.

संसद सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति

कोर्ट ने इंजीनियर राशिद को 28 जनवरी से 2 अप्रैल तक संसद के पूरे सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी. नवंबर 2025 में भी कोर्ट ने राशिद को संसद सत्र में हिस्सा लेने की अनुमति दी थी. इंजीनियर राशिद को सितंबर 2025 में हुए उप-राष्ट्रपति चुनाव में वोट डालने की अनुमति दी है.

राशिद इंजीनियर को 2017 के आतंकी फंडिंग मामले में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत एनआईए ने गिरफ्तार किया था. साल 2019 से ही तिहाड़ जेल में बंद है. राशिद इंजीयर ने 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान उतरी कश्मीर के बारामुला सीट से चुनाव लड़ा था और उमर अब्दुल्ला को दो लाख से अधिक वोटों से हराया था.

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-भारत एक्सप्रेस



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