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म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामला: अमेरिकी नागरिक मैथ्यू वकिंडाइक अमेरिका से लौटकर राऊज एवेन्यु कोर्ट में पेश, इमिग्रेशन एक्ट से बरी

म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वकिंडाइक अमेरिका से लौटने के बाद राऊज एवेन्यु कोर्ट में पेश हुआ. कोर्ट ने इमिग्रेशन एक्ट के तहत बरी किया.

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म्यांमार ट्रेनिंग कैंप मामले में आरोपी अमेरिकी नागरिक मैथ्यू आरोन वकिंडाइक (Matthew Aaron VanDyke) अमेरिका से भारत लौटने के बाद दिल्ली की राऊज एवेन्यु कोर्ट में पेश हुआ. कोर्ट ने आरोपी को जमानत पर रहते हुए अपने परिवार से मिलने के लिए अमेरिका जाने की अनुमति दी थी, और तय निर्देश के मुताबिक वह निर्धारित अवधि में भारत वापस लौटकर अदालत के सामने पेश हो गया है.

राऊज एवेन्यु कोर्ट के विशेष जज प्रशांत शर्मा ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरोन वैन डाइक और 6 यूक्रेनी नागरिकों को इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 की धारा 21 और 23 के तहत बरी कर दिया है. इससे पहले एफआरआरओ (FRRO) ने 18 सितंबर को प्रत्येक पर 5.5 लाख रुपये का जुर्माना लगाकर इन अपराधों को कंपाउंड (सुलझा) कर दिया था.

मामले से जुड़े मुख्य बिंदु और आरोपी

जिन 6 यूक्रेनी नागरिकों को उनके घर जाने की अनुमति मिली है, उनमें कामिस्की विक्टर, हुर्बा पेट्रो, स्लिविएक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफानकीव मारियान और होंचारुक मैक्सिम शामिल हैं. इन सभी सातों विदेशी नागरिकों को 13 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया था. एनआईए (NIA) ने मार्च में इन सभी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी.

शुरुआत में यह मामला यूएपीए (UAPA) की धारा 18 समेत अन्य गंभीर धाराओं में दर्ज किया गया था, लेकिन एनआईए ने हाल ही में दाखिल चार्जशीट में फिलहाल यूएपीए की धाराएं शामिल नहीं की हैं. चार्जशीट में आरोपियों पर आव्रजन और विदेशी अधिनियम (Immigration and Foreigners Act) की धाराओं 21 और 23 के तहत भारत में अवैध प्रवेश, ठहरने और आवाजाही के आरोप लगाए गए हैं.

म्यांमार में ड्रोन हमले और एनआईए की जांच

हाल ही में एनआईए ने कोर्ट को बताया था कि मार्च में गिरफ्तार किए गए इन सात विदेशी नागरिकों के म्यांमार में एक नागरिक विमान पर हुए ड्रोन हमले में संलिप्तता के संकेत मिले हैं. केंद्र सरकार को मिली भरोसेमंद जानकारी के आधार पर निचली अदालत ने एनआईए को जेल में आरोपियों से पूछताछ की अनुमति दी थी, जिसके बाद रिपोर्ट अदालत को सौंपी गई.

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एनआईए का आरोप है कि वैन डाइक और अन्य आरोपी भारत और म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़ी साजिश में शामिल रहे हैं. सुनवाई के दौरान वैन डाइक के परिवार ने उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता जताई थी. परिवार का दावा है कि उनके पैर में चोट, आंखों की रोशनी कमजोर होने और दवाइयों से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं हैं.



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