पटियाला हाउस कोर्ट ने भारत मंडपम में एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के गिरफ्तार पांचों कार्यकर्ताओं की रिमांड की अवधि को चार दिन के लिए बढ़ा दिया है. एक मार्च को सभी को कोर्ट ने पेश किया जाएगा. इनमें से चार आरोपियों को दिल्ली से और एक को ग्वालियर से गिरफ्तार किया गया था. कोर्ट ने आरोपी कृष्ण हरि, कुंदन यादव, अजय कुमार, जितेंद्र यादव और नरसिम्हा यादव को पुलिस रिमांड की अवधि को बढ़ा दिया है. इससे पहले कोर्ट ने पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया था.
पुलिस ने कोर्ट को बताया कि सिद्धार्थ नाम के एक व्यक्ति ने टीशर्ट प्रिंट और डिजाइन की थी.उसे हिमाचल में पकड़ा गया है और उसे यहां लाने की कार्रवाई चल रही है. फिर उसका दोबारा आमना-सामना कराया जाना है. इसके लिए हमें ज्यादा दिनों की कस्टडी चाहिए.
भारत मंडपम में विरोध या साजिश?
पिछली सुनवाई के दौरान आरोपियों के वकील ने कहा था कि विपक्षी राजनीतिक दल से संबद्ध आरोपियों ने भारत मंडपम में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग लिया था और किसी को चोट नहीं पहुचा. उन्होंने यह भी कहा था कि सभी आरोपों में सात साल से कम की सजा का प्रावधान है. आरोपियों के वकील ने पुलिस रिमांड का विरोध करते हुए गिरफ्तारी को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया था. उन्होंने कहा था कि गिरफ्तारी लोकतंत्र की गरिमा को कम करने वाली है. अगर प्रदर्शन के चलते गिरफ्तारी होने लगी तो संसद में प्रदर्शन करने वाले नेताओं को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए.
आरोपियों के वकील ने कहा था कि ये सभी लोग यंग है, इनका करियर है, शांति पूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. सभी आरोपियों ने कोर्ट से जमानत की गुहार लगाई थी.
वही दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कहा था कि आरोपियों ने.देश विरोधी नारे लगाए. मामले की जांच के लिए पांच दिन की रिमांड पर भेजा जाए. उन्होंने कहा था कि जो नारे लगाए, वो देश को बांटने वाले है.
गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल जब्त
नेपाल के जेन Z के तर्ज पर दिल्ली पुलिस ने कहा था कि प्रदर्शन की ऐसी जगह चुनी गई जहां दूसरे देश के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में मौजूद थे. दिल्ली पुलिस ने कहा था कि प्रदर्शनकारी देश विरोधी नारे लगाते हुए देश केप्रधानमंत्री की फोटो छपे हुए टीशर्ट को हवा में लहरा रहे थे. उन्होंने यह भी कहा था कि दिल्ली पुलिस ने जब रोकने की कोशिश की गई तो उन्हें धक्का दिया गया, जिससे उन्हें चोट लगी है. दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा था मोबाइल जब्त है ये अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं. वहां जाकर जांच करनी है साजिश का पता लगाना है.
गैर जमानती धाराओं के तहत गिरफ्तार आरोपियों की मुश्किलें बढ़ीं
दिल्ली पुलिस ने कहा था आरोपियों ने जो टी शर्ट पहने हुए थे, उस पर पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी थी. पुलिस ने गैर जमानती धाराओं सहित अन्य धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज किया है. सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक कई प्रदर्शनकारी फरार है. दिल्ली पुलिस कई बिंदुओं पर जांच कर रही है. जैसे कि प्रदर्शनकारी मंडपम तक कैसे पहुचे? रुके कहां थे? दिल्ली कब आए? अगर गाड़ी लेकर आए तो गाड़ियां किसकी थी? गिरफ्तार आरोपियों की मोबाइल की जांच कर रही है कि हंगामा से पहले इनकी किन-किन लोगों से बात हुई थी. पुलिस यह भी जानना चाहती है कि टी-शर्ट कहां प्रिंट हुई थी. क्या ये दिल्ली में बनी थी या बाहर? इसके अलावा काली छतरी को लेकर योजना क्या थी, वह किसकी थी, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया?
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-भारत एक्सप्रेस
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