Delhi High Court: भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह को पर्सनैलिटी राइट्स के मामले में दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिल गई है. कोर्ट ने युवराज सिंह की ओर से दायर याचिका पर सोशल मीडिया पर मौजूद अपमानजनक कंटेंट को हटाने को लेकर अंतरिम आदेश पारित करेगा.
कोर्ट अंतरिम आदेश पारित करेगा
जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने कहा कि वह कंटेंट को हटाने का विस्तृत अंतरिम आदेश पारित करेगा. हाई कोर्ट ने कहा कि सबसे पहले मूल अपलोडर को 48 घंटे के भीतर कंटेंट हटाने का अवसर दिया जाएगा. इसके बाद याचिकाकर्ता संबंधित प्लेटफॉर्म को सूचित करेगा और फिर मध्यस्थ 36 घंटे के भीतर आवश्यक कार्रवाई करेंगे. कोर्ट ने अंतरिम रोक की अर्जी पर सभी मध्यस्थ प्लेटफॉर्म को तीन सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है.
साथ ही मामले की सुनवाई के दौरान युवराज सिंह की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को कल तक उल्लंघन करने वाले लिंक की एक लिस्ट दिखाई और बताया कि उनमें से दो लिंक हटा दिए गए हैं. बाकी लिंक ऐसे लोगों से जुड़े है, जो कथित तौर पर युवराज सिंह के नाम और पहचान का व्यावसायिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर कर रहे है. कोर्ट 30 नवंबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा.
कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी,
जिसमें आरोप लगाया गया है कि कई लोग और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, तस्वीर और अन्य पहचान से जुड़े तत्वों का इस्तेमाल कर सामान बेच रहे हैं और विभिन्न तरह का कंटेंट प्रकाशित कर रहे हैं. सुनवाई के दौरान मेटा की ओर से कहा गया है याचिका में मांगी गई राहते काफी व्यापक हैं. इसपर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मध्यस्थ है और उनसे यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वे खुद तय करे कि कौन सा कंटेंट उल्लंधनकारी है और कौन सा नहीं.
कोर्ट ने यह भी कहा कि फिलहाल केवल उन्हीं यूआरएल को हटाने का निर्देश दिया जाएगा, जिनका उल्लेख याचिका में किया गया है. यदि भविष्य में नया कथित उल्लंधनकारी कंटेंट सामने आता है, तो युवराज सिंह रिकॉर्ड पर सामग्री रखकर अदालत से अतिरिक्त राहत मांग सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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