जुबीन गर्ग केस
Zubeen Garg Case: मशहूर असमिया गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में मुख्य आरोपी श्यामकानु महंता की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 5 अगस्त को सुनवाई करेगा. कोर्ट ने असम सरकार को महंता के खिलाफ चल रहे ट्रायल को तेजी से आगे बढ़ाने का निर्देश दिया है.
सुनवाई के दौरान असम सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल देवजीत सैकिया ने कोर्ट को बताया कि मामले की सुनवाई रोजाना हो रही है. अगले कुछ हफ्तों में अहम गवाहों से पूछताछ की जा सकती है.
महंता पर जुबीन पर दबाव बनाने का आरोप
असम सरकार ने कोर्ट को बताया कि श्यामकानु महंता ने जुबीन गर्ग पर सिंगापुर जाने का दबाव बनाया था. आरोप है कि उन्होंने महिलाओं और शराब का भी इंतजाम किया था. इससे पहले महंता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ दवे ने दलील दी थी कि जुबीन गर्ग की मौत डूबने से हुई थी. उन्होंने कहा था कि महंता के फरार होने का कोई खतरा नहीं है, उनके पास पैसे नहीं हैं और उनका पासपोर्ट भी जमा है.
हाई कोर्ट ने खारिज कर दी थी जमानत
गुवाहाटी हाई कोर्ट ने महंता को जमानत देने से इनकार कर दिया था. कोर्ट ने आरोपी के फरार होने और सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका जताई थी. इससे पहले 30 अप्रैल को स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने भी महंता की जमानत याचिका खारिज कर दी थी.
राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में कहा था कि महंता पर अपने सह-आरोपियों को प्रभावित करने का भी आरोप है. कोर्ट ने यह भी माना था कि गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता.
असम के बड़े अधिकारियों से पारिवारिक संबंध
श्यामकानु महंता, असम के पूर्व पुलिस महानिदेशक भास्कर ज्योति महंता के छोटे भाई हैं. भास्कर ज्योति महंता असम राज्य सूचना आयोग के मुख्य सूचना आयुक्त भी रह चुके हैं. वहीं, गुवाहाटी विश्वविद्यालय के कुलपति ननी गोपाल महंत उनके बड़े भाई हैं. ननी गोपाल महंत असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के शिक्षा सलाहकार भी रह चुके हैं.
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सिंगापुर में हुई थी जुबीन गर्ग की मौत
जुबीन गर्ग की पिछले साल सिंगापुर में डूबने से मौत हो गई थी. इसके बाद सिंगापुर में मामले की जांच शुरू हुई थी. इसी जांच को आगे बढ़ाते हुए असम CID भी मामले की जांच कर रही है. मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है.
-भारत एक्सप्रेस
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