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Sarvangasana Benefits: क्यों कहलाता है ‘आसनों की रानी’? जानें फायदे, सही तरीका और जरूरी सावधानियां

Sarvangasana Benefits: सर्वांगासन एक प्रभावशाली योगासन है, जो शरीर के संतुलन, रक्त संचार और मानसिक एकाग्रता को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है. इस आसन का अभ्यास विशेषज्ञ की देखरेख में करना चाहिए और कुछ स्वास्थ्य स्थितियों में इससे बचना जरूरी है.

Sarvangasana Benefits

Sarvangasana Benefits

Sarvangasana Benefits: योग केवल शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने का भी प्रभावी तरीका है. योग के अनेक आसनों में सर्वांगासन का विशेष महत्व माना जाता है. इसे “आसनों की रानी” भी कहा जाता है क्योंकि यह शरीर के कई अंगों पर सकारात्मक प्रभाव डालता है. नियमित और सही तरीके से किए गए अभ्यास से शरीर में ऊर्जा, संतुलन और लचीलापन बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

क्या है सर्वांगासन?

‘सर्वांगासन’ दो शब्दों से मिलकर बना है—’सर्व’ यानी सभी और ‘अंग’ यानी शरीर के हिस्से. इस आसन में शरीर को कंधों और कोहनियों के सहारे ऊपर उठाकर सीधी अवस्था में रखा जाता है. इस स्थिति में शरीर का भार मुख्य रूप से कंधों पर रहता है, जिससे रक्त संचार की दिशा में बदलाव आता है और कई शारीरिक प्रक्रियाओं को समर्थन मिल सकता है.

आयुष मंत्रालय के अनुसार क्यों है खास?

आयुष मंत्रालय के अनुसार, सर्वांगासन शरीर के संतुलन, लचीलेपन और आंतरिक अंगों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में सहायक माना जाता है. यह विशुद्धि चक्र को सक्रिय करने में भी मददगार माना जाता है. नियमित अभ्यास से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को समर्थन मिल सकता है और मन को शांति व एकाग्रता का अनुभव होता है.

सर्वांगासन के प्रमुख लाभ

  • शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाने में सहायक.
  • कंधों, पीठ और कोर मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद.
  • शरीर के संतुलन और लचीलेपन में सुधार.
  • मानसिक तनाव कम करने और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक.
  • शिराओं (Veins) में रक्त की वापसी की प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद.
  • नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा और स्फूर्ति का अनुभव हो सकता है.

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अभ्यास करते समय रखें ये सावधानियां

सर्वांगासन एक उन्नत योगासन माना जाता है, इसलिए इसे सही तकनीक से करना बेहद जरूरी है. शुरुआती लोगों को प्रशिक्षित योग विशेषज्ञ की देखरेख में ही इसका अभ्यास करना चाहिए, ताकि गर्दन और कंधों पर अनावश्यक दबाव न पड़े.

किन लोगों को नहीं करना चाहिए यह आसन?

यदि आपको निम्न में से कोई समस्या है, तो सर्वांगासन करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें—

उच्च रक्तचाप (High Blood Pressure)
सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस या गर्दन का दर्द
हाइपरथायरायडिज्म
गर्दन या रीढ़ की गंभीर चोट
हाल ही में हुई सर्जरी या गंभीर शारीरिक समस्या

सर्वांगासन एक ऐसा योगासन है जो सही तरीके और नियमित अभ्यास के साथ शरीर और मन दोनों के लिए लाभकारी हो सकता है. हालांकि, किसी भी योगासन की तरह इसे भी अपनी शारीरिक क्षमता और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए. सुरक्षित अभ्यास ही इसके वास्तविक लाभ दिला सकता है.

भारत एक्सप्रेस



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