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8 किलो की साड़ी, 11 पेंटिंग्स और हजारों घंटे की मेहनत… दुनिया की सबसे महंगी सिल्क साड़ी की कहानी

Vivah Pattu Saree Guinness Record: चेन्नई के कांचीपुरम में 36 कारीगरों ने 4,760 घंटे की मेहनत से ‘विवाह पट्टू’ नाम की सिल्क साड़ी तैयार की, जिस पर राजा रवि वर्मा की 11 पेंटिंग्स बुनी गई हैं. सोने, हीरे और कीमती रत्नों से सजी 8 किलो वजनी इस साड़ी की कीमत करीब 39 लाख रुपये है, जिसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज है.

World Most Expensive Saree Is Vivaah Pattu Features

फोटो क्रेडिट- भारत एक्सप्रेस

Vivah Pattu Saree Guinness Record: दुनिया में कई चीजें अपनी कीमत और अनोखेपन के कारण रिकॉर्ड बनाती हैं, लेकिन चेन्नई के कांचीपुरम में तैयार हुई एक ऐसी साड़ी भी है, जो अपने डिजाइन, कारीगरी और कीमत के चलते खास पहचान बना चुकी है. ‘विवाह पट्टू’ नाम की इस साड़ी पर राजा रवि वर्मा की 11 मशहूर पेंटिंग्स को सिल्क की बुनाई में उतारा गया है. साड़ी की कीमत लाखों रुपये है और इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज हो चुका है.

साड़ी पर बनी हैं राजा रवि वर्मा की 11 पेंटिंग्स

विवाह पट्टू साड़ी की सबसे बड़ी खासियत इसका आर्टवर्क है. इस पर मशहूर भारतीय चित्रकार राजा रवि वर्मा की 11 पेंटिंग्स को डिजाइन के तौर पर बुना गया है. साड़ी के पल्लू पर उनकी चर्चित पेंटिंग ‘गैलेक्सी ऑफ म्यूजिशियन’ भी दिखाई देती है, जिसमें अलग-अलग हिस्सों की महिलाएं पारंपरिक वाद्ययंत्र बजाती नजर आती हैं. खास बात यह है कि इन पेंटिंग्स को साड़ी पर बाद में प्रिंट नहीं किया गया. इन्हें साड़ी की बुनाई के दौरान ही अलग-अलग रंगों के धागों से तैयार किया गया. यही तकनीक इस साड़ी को आम सिल्क साड़ियों से बिल्कुल अलग बनाती है.

4,760 घंटे में तैयार हुई साड़ी

कांचीपुरम अपनी शानदार सिल्क बुनाई के लिए दुनियाभर में जाना जाता है. इसी जगह इस खास साड़ी को तैयार करने में करीब 4,760 घंटे लगे. इसे तैयार करने के लिए डबल रैप बुनाई तकनीक का इस्तेमाल किया गया, जिसमें धागों की दो परतों के साथ बेहद बारीकी से डिजाइन बुने जाते हैं. इस काम में एक-दो नहीं, बल्कि कांचीपुरम की द चेन्नई सिल्क मिल के 36 कारीगरों ने मिलकर मेहनत की. डिजाइन तैयार करने के लिए 7,440 जैक्वार्ड हुक और करीब 66,700 डिजाइन कार्ड का इस्तेमाल किया गया.

सोना, हीरा और कई कीमती रत्न भी लगे

साड़ी की खासियत सिर्फ इसकी पेंटिंग्स और बुनाई तक सीमित नहीं है. इसमें करीब 59.7 ग्राम सोना, 3.913 कैरेट हीरे, 120 मिलीग्राम प्लैटिनम और 5 ग्राम चांदी का इस्तेमाल किया गया है. इसके अलावा रूबी, पन्ना, नीलम, कैट्स आई, टोपाज, मोती और मूंगा जैसे कीमती रत्नों से भी इसे सजाया गया. इन सभी चीजों की वजह से साड़ी का वजन करीब 8 किलो हो गया. इसके बावजूद इसे इस तरह तैयार किया गया कि इसे पहनने पर वजन संतुलित रहे और ड्रेपिंग में परेशानी न हो.

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39 लाख रुपये से ज्यादा में बिकी थी

गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के मुताबिक, साल 2008 में इस साड़ी की कीमत 3,931,627 रुपये दर्ज की गई थी. यानी उस समय यह करीब 39 लाख रुपये से ज्यादा में बिकी थी. पहली विवाह पट्टू साड़ी 2007 में तैयार हुई थी और 5 जनवरी 2008 को बेंगलुरु के एक कारोबारी ने इसे अपनी पत्नी को शादी की 10वीं सालगिरह पर तोहफे में दिया था. इसके करीब एक साल बाद कुवैत के एक कारोबारी ने इसका एक और वर्जन बनवाया, जिसकी कीमत कथित तौर पर करीब 40 लाख रुपये थी.

साड़ी कम, चलता-फिरता आर्ट पीस ज्यादा

विवाह पट्टू को खास बनाने वाली चीज सिर्फ इसकी कीमत नहीं, बल्कि इसके पीछे छिपी कारीगरी है. राजा रवि वर्मा की पेंटिंग्स, सिल्क की बारीक बुनाई, सोना-हीरा और कीमती रत्नों का इस्तेमाल इसे एक साधारण परिधान से कहीं आगे ले जाता है. यही वजह है कि यह साड़ी आज भी भारतीय बुनाई और कला के अनोखे मेल के तौर पर चर्चा में रहती है.

भारत एक्सप्रेस



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