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ICMR-NIN Study: आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (ICMR-NIN) की एक व्यापक समीक्षा के अनुसार, वजन घटाने और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को सुधारने के लिए सिर्फ डाइट के बजाय आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि का संयोजन सबसे प्रभावी है.
50 से अधिक देशों के आंकड़ों और करीब 2.48 लाख प्रतिभागियों पर आधारित इस अध्ययन में पाया गया कि भले ही कोई व्यक्ति 5-10% वजन घटाने के तय लक्ष्य तक न पहुंचे, फिर भी संतुलित खान-पान और नियमित व्यायाम से ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर और इंसुलिन रेजिस्टेंस में उल्लेखनीय सुधार होता है.
वैश्विक स्वास्थ्य चुनौती: बढ़ता मोटापा
दुनियाभर में बढ़ता मोटापा और ज्यादा वजन आज एक बड़ी स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है. एक अनुमान के मुताबिक, दुनिया में करीब 2.5 अरब वयस्क ओवरवेट या मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं. ऐसे में वजन कम करने के लिए डाइट, एक्सरसाइज और जीवनशैली में बदलाव जैसे अलग-अलग तरीकों को लेकर लगातार रिसर्च होती रहती है.
ICMR-NIN का व्यापक शोध
हैदराबाद स्थित आईसीएमआर-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन की समीक्षा में वजन और मेटाबॉलिक हेल्थ पर अलग-अलग जीवनशैली आधारित तरीकों के असर को देखा गया. इस समीक्षा में 112 व्यवस्थित समीक्षाओं और मेटा-विश्लेषणों को शामिल किया गया, जिनमें 2,332 रैंडमाइज्ड नियंत्रित परीक्षणों और करीब 2.48 लाख प्रतिभागियों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया. इसमें 50 से ज्यादा देशों से जुड़े शोध शामिल थे.
डाइट और एक्सरसाइज का मिला-जुला असर
अध्ययन के मुताबिक, डाइट और शारीरिक गतिविधि को मिलाकर चलाने वाले कार्यक्रमों से वजन घटाने के साथ-साथ दिल और मेटाबॉलिक हेल्थ पर भी बेहतर असर देखने को मिला. 12 महीने से ज्यादा समय तक चलने वाले फॉलोअप में डाइट और फिजिकल एक्टिविटी के संयोजन से तुलना वाले समूह की अपेक्षा करीब 3.68 किलो ज्यादा वजन कम हुआ.
कम कैलोरी डाइट बनाम लंबे समय तक नियंत्रण
वहीं, कम कैलोरी वाली डाइट से शुरुआती तीन महीनों में सबसे ज्यादा वजन घटने का असर देखा गया. इस दौरान तुलना वाले समूह की अपेक्षा करीब 2.64 किलो अधिक वजन कम हुआ. हालांकि, लंबे समय तक वजन को नियंत्रित रखने के लिए सिर्फ डाइट के बजाय नियमित शारीरिक गतिविधि और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव को भी साथ रखना जरूरी माना गया.
ब्लड प्रेशर में सुधार
सिर्फ वजन कम होना ही इस अध्ययन की खास बात नहीं है. शारीरिक गतिविधि का असर ब्लड प्रेशर पर भी देखने को मिला. 6 से 12 महीने के दौरान फिजिकल एक्टिविटी से सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में भी कमी देखी गई.
मेटाबॉलिक स्वास्थ्य और शुगर कंट्रोल
डाइट और एक्सरसाइज को साथ लेकर चलने वाले कार्यक्रमों से ब्लड ग्लूकोज और इंसुलिन रेजिस्टेंस में भी बेहतर सुधार देखने को मिला. यानी फायदा सिर्फ वजन की मशीन पर दिखने वाले आंकड़े तक सीमित नहीं है, बल्कि शरीर के मेटाबॉलिक स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है.
जीवनशैली में बदलाव का असली फायदा
इस समीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि स्वास्थ्य लाभ के लिए हमेशा अत्यधिक वजन घटाना अनिवार्य नहीं है. शोध के अनुसार, जीवनशैली में सुधार से होने वाले कई फायदे वजन कम होने की मात्रा पर निर्भर नहीं करते. इसलिए, यदि कोई व्यक्ति सामान्य तौर पर निर्धारित ‘5 से 10 प्रतिशत वजन घटाने’ के लक्ष्य तक नहीं भी पहुंच पाता, तब भी पौष्टिक खान-पान, नियमित व्यायाम और सकारात्मक जीवनशैली उसके स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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