Bharat Express DD Free Dish

महाकुंभ में भगदड़ में 30 की मौत, 60 लोग हुए घायल, नहीं था कोई VIP प्रोटोकॉल- मेला प्रशासन

महाकुंभ प्रशासन ने घटना के 16 घंटे बाद आंकड़े जारी करते हुए बताया कि भगदड़ में 30 की मौत हुई है तो वहीं 60 लोग हुए घायल हो गए हैं.

Mahakumbh Mela Stampede

महाकुंभ नगर मेला क्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण ने शाम को मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि महाकुंभ में हुए भगदड़ की घटना में 30 लोगों की मौत हो गई है, जिनमें से 25 की पहचान की जा चुकी है. उन्होंने यह भी बताया कि 60 घायल व्यक्तियों का इलाज अस्पताल में चल रहा है.

घटना के कारण के बारे में बताते हुए वैभव कृष्ण ने कहा, “अखाड़ा क्षेत्र में बैरिकेड्स लगे हुए थे, जिनमें से कुछ टूट गए. कई श्रद्धालु ब्रह्म मुहूर्त का इंतजार करते हुए घाट पर लेटे हुए थे, तभी अचानक कई अन्य श्रद्धालु वहां पहुंच गए. वे यह नहीं देख पाए कि नीचे कौन लेटे हैं, और इसी वजह से यह दुर्घटना घटी.”

उन्होंने यह भी कहा कि शासन द्वारा सख्त निर्देश दिए गए थे कि कोई VIP प्रोटोकॉल नहीं होगा और बुधवार को इस आदेश का पालन किया गया, कोई वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं हुआ.

महाकुम्भ मेला क्षेत्र में हुए हादसे का अपडेट

  • बुधवार देर शाम मेलाधिकारी विजय किरण आनंद और डीआईजी वैभव कृष्ण ने मौनी अमावस्या के पर्व पर संगम नोज में हुए हादसे की विस्तृत जानकारी दी.
  • उन्होंने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त से पूर्व प्रातः एक बजे से 2 बजे के बीच मेला क्षेत्र में अखाड़ा मार्ग पर भारी भीड़ का दबाव बना. भीड़ के दबाव के कारण दूसरी ओर के बैरीकेड्स टूट गए और लोग बैरीकेड्स लांघकर दूसरी तरफ आ गए और ब्रह्म मुहूर्त पर स्नान का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं को कुचलना शुरू कर दिया.
  • शासन ने तत्काल राहत और बचाव कार्य करते हुए भीड़ को हटाया और एंबुलेंस के माध्यम से लगभग 90 घायलों को हॉस्पिटल पहुंचाया, लेकिन इसमें से दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से 30 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गई है. इनमें से 25 की पहचान हो चुकी है और शेष की शिनाख्त की जानी बाकी है.
  • मृतकों में कुछ लोग बाहर के प्रदेशों से हैं, जिसमें कर्नाटक से 4, असम से एक, गुजरात से एक है. कुछ घायलों को परिवार के लोग लेकर चले गए हैं तथा 36 घायलों का इलाज स्थानीय मेडिकल कॉलेज में चल रहा है. श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेला प्रशासन के द्वारा हेल्पलाइन नंबर 1920 जारी किया गया है. इस समय स्थिति सामान्य है.
  • 29 जनवरी को शासन ने सख्त निर्देश दिए थे कि कोई भी वीआईपी प्रोटोकॉल नहीं होगा. आज मेला प्रशासन ने वीआईपी प्रोटोकॉल इंटरटेन नहीं किया. जो भी मुख्य स्नान पर्व हैं उस पर कोई वीआईपी प्रोटोकॉल लागू नहीं होगा.

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read