प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर
Prayagraj Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ-2025 में कथावाचक देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज ने सनातन बोर्ड के गठन की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि यह कदम 1 अरब से ज्यादा सनातनियों को एकजुट करने और उनकी धार्मिक पहचान को सशक्त बनाने के लिए लिया जाएगा.
देवकीनंदन ठाकुर ने महाकुंभ में आयोजित होने वाली धर्म संसद के बारे में मीडिया को जानकारी दी, जिसमें 27 जनवरी को देशभर के प्रमुख संत, शंकराचार्य और अखाड़े शामिल होंगे. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- देश में आजकल संस्कार और संस्कृति से खिलवाड़ हो रहा है. हमारी बहन-बेटियों को स्कूलों में नचाया जा रहा है. हमारी संस्कृति अभी भी आजाद नहीं है. इस बात को आगे बढ़ाने के लिए हमें सनातन बोर्ड चाहिए. योगीजी और मोदीजी इस कुंभ के यजमान हैं. हम उनसे दक्षिणा लिए बिना नहीं जाएंगे. हम चाहते हैं कि वे 1 अरब से ज्यादा हिंदुओं के लिए हमें सनातन बोर्ड दक्षिणा में दें.

सनातन बोर्ड का उद्देश्य और प्रस्ताव
देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि सनातन बोर्ड का निर्माण देशभर के हिंदू धर्म के हित में किया जाएगा. इसके माध्यम से हिंदू समाज की धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को सशक्त किया जाएगा. ठाकुर ने यह भी बताया कि सनातन बोर्ड की रूपरेखा तैयार हो चुकी है और इसे जल्द ही धरातल पर उतारा जाएगा. इसके अलावा, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस बोर्ड के गठन से पहले सभी संतों और धार्मिक स्थलों की सहमति ली जाएगी.
धर्म संसद और सनातनियों की एकता
देवकीनंदन ठाकुर ने आगे कहा कि धर्म संसद का मुख्य उद्देश्य सनातनियों की एकता को मजबूत करना है. उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातनी कभी भी अलग नहीं हो सकते और उनकी एकता को कोई भी तोड़ नहीं सकता. यह शपथ हम सभी ने सनातनियों के हित में ली है.
मंदिरों और मठों की जमीन पर कब्जा
महंत रविंद्र पुरी ने भी धर्म संसद में सनातन बोर्ड के महत्व पर चर्चा की. उन्होंने वक्फ बोर्ड द्वारा की गई जमीन कब्ज़ी की घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें यह जवाब चाहिए कि वक्फ बोर्ड के पास इतनी बड़ी ज़मीन कहां से आई. पुरी ने यह भी कहा कि सनातन बोर्ड का उद्देश्य मंदिरों और मठों की संपत्ति को बचाना और उनका अधिकार सुनिश्चित करना है.
सनातन बोर्ड के गठन का लिया संकल्प
देवकीनंदन ठाकुर और महंत रविंद्र पुरी ने एक साथ यह संकल्प लिया कि सनातन बोर्ड के गठन से हिंदू समाज को न्याय मिलेगा और उनके धार्मिक स्थानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी. अब इसे जल्द ही मूर्त रूप दिया जाएगा.
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