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Sawan 2026: शिवरात्रि पर 12 ज्योतिर्लिंगों के दिव्य दर्शन, तस्वीरों में देखें शिवधामों की भव्यता

12 Jyotirlinga shivratri: शिवरात्रि पर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में भगवान शिव की विशेष पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है. सोमनाथ से केदारनाथ और काशी विश्वनाथ से रामेश्वरम तक, तस्वीरों में देखें भारत के प्रमुख शिवधामों की भव्यता और आस्था का अद्भुत नजारा.

12 Jyotirlinga ashivratri

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12 Jyotirlinga Sawan Shivratri:  महाशिवरात्रि की तरह हर माह मासिक शिवरात्रि भी होती है. मासिक शिवरात्रि को भगवान शिव की आराधना का सबसे खास पर्व माना जाता है. इस दिन देशभर के शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है, लेकिन 12 ज्योतिर्लिंगों का महत्व सबसे अलग है. मान्यता है कि इन पवित्र धामों में भगवान शिव स्वयं ज्योति स्वरूप में विराजमान हैं.  इन शिवधामों की भव्य तस्वीरें आस्था और भक्ति का अद्भुत नजारा पेश करती हैं.

12 Jyotirlinga Sawan Shivratri

गुजरात के प्रभास पाटण में स्थित सोमनाथ को पहला ज्योतिर्लिंग माना जाता है. समुद्र किनारे बने इस मंदिर में शिवरात्रि पर विशेष पूजा और दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं.

श्रीशैलम की पहाड़ियों में स्थित मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना से जुड़ा पवित्र धाम है. शिवरात्रि पर यहां विशेष धार्मिक आयोजन होते हैं.

उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध शिवधामों में शामिल है. शिवरात्रि पर यहां होने वाली भस्म आरती और विशेष श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहते हैं.

नर्मदा नदी के बीच स्थित मांधाता द्वीप पर विराजमान ओंकारेश्वर का धार्मिक महत्व बेहद खास है. शिवरात्रि पर पूरा क्षेत्र ‘हर हर महादेव’ के जयघोष से गूंज उठता है.

हिमालय की ऊंची चोटियों के बीच स्थित केदारनाथ भगवान शिव के सबसे प्रसिद्ध धामों में से एक है. यहां की प्राकृतिक खूबसूरती और शिवभक्ति का संगम श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है.

सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला में स्थित भीमाशंकर मंदिर प्राकृतिक हरियाली से घिरा हुआ है. शिवरात्रि पर यहां भक्त विशेष पूजा-अर्चना करते हैं.

वाराणसी में गंगा किनारे स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर को मोक्ष की नगरी का प्रमुख शिवधाम माना जाता है. शिवरात्रि पर यहां भक्तों का सैलाब उमड़ता है.

नासिक के पास ब्रह्मगिरि पर्वत की तलहटी में स्थित त्र्यंबकेश्वर मंदिर अपनी अनूठी स्थापत्य शैली और धार्मिक महत्व के लिए प्रसिद्ध है.

देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम शिवभक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र है. शिवरात्रि पर मंदिर परिसर में विशेष पूजा और धार्मिक अनुष्ठान होते हैं.

द्वारका के पास स्थित नागेश्वर मंदिर भगवान शिव की विशाल प्रतिमा के लिए भी जाना जाता है. शिवरात्रि पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है.

समुद्र के किनारे स्थित रामनाथस्वामी मंदिर दक्षिण भारत का प्रमुख शिवधाम है. मंदिर के लंबे गलियारे और भव्य स्थापत्य इसकी खास पहचान हैं.

एलोरा की गुफाओं के पास स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग 12 ज्योतिर्लिंगों में अंतिम माना जाता है. शिवरात्रि पर यहां भी विशेष पूजा और दर्शन का आयोजन होता है.

आस्था के 12 पवित्र पड़ाव

देश के अलग-अलग हिस्सों में स्थित ये 12 ज्योतिर्लिंग भारतीय आध्यात्मिक परंपरा की विविधता और भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था को दर्शाते हैं. शिवरात्रि पर इन धामों की तस्वीरें सिर्फ मंदिरों की भव्यता नहीं, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की भक्ति और विश्वास की कहानी भी बयां करती हैं.

भारत एक्सप्रेस



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