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‘अभी तो असली टेस्ट बाकी है…’ टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद गंभीर को क्यों टोक रहे सौरव गांगुली?

सौरव गांगुली ने टीम इंडिया के कोच गौतम गंभीर को चेतावनी देते हुए कहा है कि उनकी असली परीक्षा 2027 का वनडे वर्ल्ड कप होगा. दादा ने टेस्ट क्रिकेट और दक्षिण अफ्रीका की पिचों को लेकर भी गंभीर को सलाह दी है.

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T20 World Cup 2026: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच गौतम गंभीर इस वक्त सातवें आसमान पर हैं. हाल ही में उनकी कोचिंग में टीम इंडिया ने 2026 T20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतकर इतिहास रचा है. लेकिन इसी बीच टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और ‘दादा’ के नाम से मशहूर सौरव गांगुली ने गंभीर को लेकर एक बड़ा बयान दे दिया है. गांगुली का मानना है कि गंभीर की असली परीक्षा अभी तक शुरू ही नहीं हुई है. आइए जानते हैं कि दादा ने ऐसा क्यों कहा और वर्ल्ड कप 2027 को लेकर उनकी क्या चिंताएं हैं.

 

गौतम गंभीर ने जब से राहुल द्रविड़ की जगह कोच का पद संभाला है, उनकी किस्मत और रणनीति दोनों ने टीम इंडिया का साथ दिया है. गंभीर अब भारत के पहले ऐसे कोच बन गए हैं जिनके खाते में दो आईसीसी ट्रॉफी (चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026) दर्ज हैं. 8 मार्च को अहमदाबाद के मैदान पर न्यूजीलैंड को हराकर भारत ने जिस तरह टी20 का ताज पहना, उसने गंभीर के कद को और ऊंचा कर दिया है. लेकिन गांगुली की नजरें अब कुछ और ही देख रही हैं.

सौरव गांगुली का कहना है कि सफेद गेंद के क्रिकेट में गंभीर की असली काबिलियत का पता 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में चलेगा. यह वर्ल्ड कप दक्षिण अफ्रीका की धरती पर होना है. दादा के मुताबिक, वहां की तेज और उछाल भरी पिचें गंभीर की रणनीतियों का कड़ा इम्तिहान लेंगी. गांगुली ने साफ कहा कि घरेलू या एशियाई पिचों पर जीतना अलग बात है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों में टीम को चैंपियन बनाना ही सबसे बड़ी चुनौती होगी.

वर्ल्ड कप 2027 सिर्फ गंभीर के लिए ही नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के दो सबसे बड़े सितारों, रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए भी बेहद अहम है. माना जा रहा है कि यह इन दोनों दिग्गजों का आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है. 2023 के वनडे वर्ल्ड कप फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों मिली हार की टीस आज भी करोड़ों भारतीयों के दिल में है. ऐसे में गंभीर पर इस बार खिताब जिताने का दबाव पिछले किसी भी टूर्नामेंट से कहीं ज्यादा होने वाला है.

गांगुली ने सिर्फ वनडे ही नहीं, बल्कि टेस्ट क्रिकेट को लेकर भी गंभीर को एक खास सलाह दी है. दादा का मानना है कि घरेलू मैदानों पर जरूरत से ज्यादा टर्निंग पिचें (Rank Turners) बनाने से बचना चाहिए. उन्होंने इंग्लैंड सीरीज का उदाहरण देते हुए कहा कि जीत के लिए अच्छी विकेट तैयार करना जरूरी है, न कि ऐसी पिचें जो पहले दिन से ही टूटने लगें. गांगुली के मुताबिक, अच्छी पिचों पर ही वर्ल्ड क्लास खिलाड़ी निखरकर सामने आते हैं और टीम का प्रदर्शन बेहतर होता है.

इतनी बड़ी चेतावनियों के बावजूद सौरव गांगुली ने गंभीर की काबिलियत पर पूरा भरोसा जताया है. उन्होंने कहा कि गंभीर एक सुलझे हुए कोच हैं और उन्हें अपनी टीम बनाने के लिए पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए. गांगुली का मानना है कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में गंभीर का विजन बहुत स्पष्ट है और उनके पास एक ऐसी मजबूत टीम है जो दुनिया के किसी भी कोने में जीत हासिल कर सकती है.

बता दें कि गौतम गंभीर ने जुलाई 2024 में टीम इंडिया की कमान संभाली थी. उनका मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक है. अब तक के उनके सफर को देखें तो उन्होंने भारतीय फैंस को जश्न मनाने के कई मौके दिए हैं. लेकिन जैसा कि गांगुली ने कहा, अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या गंभीर दक्षिण अफ्रीका के मुश्किल मैदानों पर भी भारत का तिरंगा लहरा पाएंगे या नहीं.

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-भारत एक्सप्रेस



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