Bharat Express DD Free Dish

श्रीकृष्ण ने कितनी आयु तक बजाई थी मुरली, उन्होंने कब छोड़ा गोकुल-वृंदावन

Janmashtami Special: इस बार जन्माष्टमी आज के दिन को मनाई जा रही है स्वतंत्रता दिवस के ठीक एक दिन बाद आई है. भगवान श्री कृष्ण के बालपन का जीवन बहुत ही सुंदर रहा है. उन्होंने अपनी मुरली से पूरे गोकुल को मंत्रमुग्ध कर दिलों को मोह लिया था.

Janmashtami Special: इस बार जन्माष्टमी आज के दिन को मनाई जा रही है स्वतंत्रता दिवस के ठीक एक दिन बाद आई है. भगवान श्री कृष्ण के बालपन का जीवन बहुत ही सुंदर रहा है. उन्होंने अपनी मुरली से पूरे गोकुल को मंत्रमुग्ध कर दिलों को मोह लिया था. लेकिन क्या आप जानते है कि आखिरी बार और किस आयु में श्री कृष्ण ने अपनी बांसूरी का त्याग कर दिया था. आइए जानते है.

बाल्यावस्था में श्री कृष्ण ने अपनी मुरली की मधुर ध्वनि से हर दिल को अपनी ओर खींच लिया था. उन्होंने अपनी मुरली के धुन से ही गोकुलवासियों को प्रेम, आनंद और शांति का अहसास करा दिया था.

ऐसा कहा जाता है की भगवान श्री कृष्ण को धनवा नाम के बंसी बेचने वाले ने बांसुरी दी थी तब उन्होंने पहली बार बांसुरी पर मधुर धुन छोड़ा था.

ऐसा कहा जाता है की भगवान श्री कृष्ण को धनवा नाम के बंसी बेचने वाले ने बांसुरी दी थी तब उन्होंने पहली बार बांसुरी पर मधुर धुन छोड़ा था.

11 वर्ष की आयु में कृष्ण मथुरा चले गए जहां उन्होंने कंस का वध किया जिसके बाद वो फिर कभी गोकुल नहीं गए.

ऐसा माना जाता है कि मथूरा जाने से पहले मथुरा जाने से पहले श्री कृष्ण ने अपनी मुरली निशानी के तौर पर राधा को दे देते है जिसके बाद वो मुरली बजाना छोड़ देते है.

ये भी पढ़ें: Krishna Janmashtami 2025: कृष्ण जन्माष्टमी पर इन तरीकों से सजाएं लड्डू गोपाल का दरबार, यहां से लें डेकोरेशन आइडियाज, हर कोई करेगा तारीफ

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read